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VIDEO: नदी के तेज बहाव में 4 लोग पुल के बीच में फंसे, जांबाज वायुसैनिकों ने बचाया

तवी नदी में अचानक जलस्‍तर बढ़ने से इस पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल पर 4 लोग फंस गए.

VIDEO: नदी के तेज बहाव में 4 लोग पुल के बीच में फंसे, जांबाज वायुसैनिकों ने बचाया

जम्‍मू: तवी नदी में आई अचानक बाढ़ में फंसे 4 लोगों को ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एयर फोर्स और स्थानीय पुलिस ने निकाल लिया. देवदूत बन कर आई वायुसेना का हेलीकॉप्‍टर और उसके अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. बचाए गए चारों लोग स्थानीय मशुआरे बताए जा रहे हैं जो तवी नदी में मछलियां पकड़ने गए थे लेकिन इस बीच नदी में आई अचानक बाढ़ में फंस गए.

एयर फोर्स के बचाब दल को उस समय दिक्कत का सामना करना पड़ा जब बाढ़ में फंसे 2 लोग रस्सी छूटने से पानी में बह गए. इन्‍हें थोड़ी दूरी पर सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचा लिया. बाकी 2 को एयर फोर्स अधिकारियो ने रेस्क्यू कर लिया. जम्मू के पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बारिश से तवी नदी में अचानक बाढ़ आ गई. प्रशासन ने लोगों को तवी और चेनाब नदी में नहीं जाने की एडवाइजरी जारी की है.

उल्‍लेखनीय है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है. केरल और कर्नाटक के बाद अब हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में बारिश के कहर से कईयों की जान जा चुकी है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तो बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जिससे जहां एक तरफ कई लोगों के सिर से उनकी छत छिन गई है तो कहीं सड़कों और पुल के धंस जाने से एक जगह से दूसरी जगह जाना भी दूभर हो गया है.

मॉनसून शुरू होने के बाद से उत्तराखंड में शूरू हुए बारिश और बाढ़ के दौर से अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग बारिश के कहर के बाद बेघर हो गए हैं. जालंधर में भी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है, जहां फिल्लौर के 7 गांवों में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और हर जगह पानी ही पानी नजर आ रहा है.

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मंडी के द्वादा में हनोगी मंदिर के पास सड़क भारी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद इस रास्ते पर सुरक्षाकर्मियों का पहरा है और लोगों का आना-जाना पूरी तरह से बंद है. इस मार्ग पर वाहनों के चलने पर भी रोक लगा दी गई है. हथनी कुंड बैराज से छोड़े गए 8 लाख क्यूसेक से अधिक पानी के बाद आज यमुना नदी का जल स्तर 204.70 मीटर (चेतावनी स्तर 204.50 मीटर पर) पर पहुंच गया है, जिसके चलते दिल्ली सरकार ने भी इस पानी के निकासी के आदेश जारी किए हैं. साथ ही सुरक्षा दृष्टि से हथिनी कुंड के पास जवानों को भी तैनात किया गया है.

कुल्लू में लैंडस्लाइड के बाद सड़क धंस गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सरसाड़ी के पास भुंतर-मणिकरण सड़क पर यातायात की आवाजाही रोक दी गई है. हिमाचल प्रदेश के शिमला के चबा में भारी बारिश के चलते क्षेत्र में सतलज नदी पर बने फुटब्रिज का एक हिस्सा नदी में गिर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित है. इस पुल से शकरा, बालदी, बिंदला और जेडवी गांव को कनेक्टिविटी मिलती थी.

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद मनाली और कुल्लू के बीच स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-3 (NH-3) आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, राजमार्ग के दोनों तरफ गाड़ियां फंसी हुई हैं और लोगों का यहां से आना-जाना भी आंशिक रूप से बंद है. भारी वाहनों के आने जाने पर यहां पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जबकि हल्के वाहन अभी भी यहां से निकल रहे हैं.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मोरी तहसील के अरकोट से दो व्यक्तियों को बादल फटने के बाद देहरादून में एयरलिफ्ट किया गया, जिसके बाद उन्हें दून अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है. कुल्लू में लगातार बारिश के कारण बाढ़ आ गई है, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई. कुल्लू में अभी तक भारी बारिश के चलते 16 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं और तक 60 सड़के बंद हैं.

जगह जगज मलबा आने से सैकड़ों मार्ग बाधित हैं. इस बीच ऋषिकेश के चन्द्रेश्वर नगर की बस्ती में भी पानी भर गया है. बारिश के बाद यहां के 150 परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट कराया गया है. इस बीच देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़  में  1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद करने के लिए जिलाधिकारियों ने आदेश दिए हैं. भारी बारिश के कारण बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा भी रोक दी गई है. हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से 800 से ज्यादा सड़कें और 13 से ज्यादा राजमार्ग बंद हैं. वहीं कुल्लू में दो पुल भी टूट चुके हैं, जिससे दोनों तरफ यात्री फंसे हुए हैं.