भाजपा-शिवसेना के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर, ये है पूरा मामला

प्रिया ने आर्टिकल 226, 21, 14 और 39ए के तहत याचिका दायर की है. इस याचिका में दोनों पार्टियों द्वारा आम जनता को गुमराह करने की बात कही गई है.

भाजपा-शिवसेना के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर, ये है पूरा मामला
एडवोकेट नितिन सातपुते.

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में चल रहे सियासी घमासान के बाद किसकी सरकार बनेगी यह तो फिलहाल कहना मुश्किल है. लेकिन इस राजनीतिक उधेड़बुन से खफा ठाणे की एक महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दरअसल, मुंबई से सटे ठाणे इलाके की रहने वाली प्रिया अशोक चौहान ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में भाजपा-शिवसेना गठबंधन (BJP-Shivsena Alliance) से बन रही सरकार द्वारा किए गए वादों और चुनावी नतीजों के बाद उनके बीच हुए मनमुटाव और दोनों पार्टियों के अलग होने के बाद मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. 

प्रिया ने आर्टिकल 226, 21, 14 और 39ए के तहत याचिका दायर की है. इस याचिका में दोनों पार्टियों द्वारा आम जनता को गुमराह करने की बात कही गई है. 30 वर्षों से गठबंधन की सरकार बना रही बीजेपी-शिवसेना ने चुनाव से पहले कई वादे पूरे करने की बात कही थी लेकिन नतीजों के बाद गठबंधन तोड़कर लोगों को मायूस, निराश और कंफ्यूज कर दिया. अब उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला होना चाहिए. 

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इतना ही नहीं इस याचिका में यह भी मांग की गई है कि अगर आने वाले समय में कोई भी पार्टी गठबंधन की सरकार बनाने की बात करती है तो चुनाव से पहले ही उनसे प्रॉपर एग्रीमेंट साइन करवा लेने चाहिए. ताकि चुनावी नतीजों के बाद कुर्सी के लिए वह गठबंधन ना तोड़ें. 

इस याचिका में यह भी मांग की गई है कि अभी भी इन दोनों को एकजुट होकर सरकार बनानी चाहिए. और अगर यह दोनों पार्टियां एक साथ नहीं आती हैं तो इनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए. किसी भी वजह से रीइलेक्शन होते हैं तो इलेक्शन का पूरा खर्चा इन दोनों पार्टियों से लिया जाना चाहिए.

वहीं इस पूरे मामले पर एडवोकेट नितिन सातपुते का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि मुंबई हाई कोर्ट के धर्माधिकारी इस बात को समझेंगे और सही निर्णय लेंगे.