PHOTOS: अमित शाह के जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़ी 10 अनसुनी बातें

ऐसा कहा जाता है कि नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना अमित शाह ने ही दिखाया था. ये बात 90 के दशक की बताई जाती है

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Oct 22, 2020, 14:53 PM IST

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का आज आज 56वां जन्मदिन है. अमित शाह को पीएम मोदी (Narendra Modi) का सबसे विश्वस्त और देश का दूसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता है. उनके बारे में काफी कुछ लोगों को मीडिया के जरिए पता है, फिर भी तमाम ऐसी बातें बड़ी शख्सियतों में होती हैं, जो पहले छोटी होती हैं, लेकिन कद बढ़ने के साथ-साथ वो बातें भी बड़ी होती जाती हैं और इसकी वजह है लोगों के मन में उनके लिए लगातार बढ़ती दिलचस्पी. अमित शाह के साथ भी ऐसा ही है, उनके जन्मदिन पर जानिए ऐसी ही कुछ बातें-

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रणनीतिक विशेषज्ञ

Strategy expert

जब गुजरात में बीजेपी की सरकार बनी तो केशूभाई पटेल सीएम थे, और उस वक्त सबसे बड़ा मुद्दा था, ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस का दबदबा तोड़ना. अमित शाह और मोदी ने इसके लिए एक रणनीति बनाई, जो भी गांव में दूसरे नंबर का प्रभावशाली, ताकतवर नेता है उसको बीजेपी से जोड़ना. उन्होंने ऐसे 8000 ग्रामीण नेताओं का नेटवर्क तैयार किया, जो ग्राम प्रधानी का चुनाव हार चुके थे.

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अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष बने शाह

2nd Task Ahmedabad District Cooperative Bank

मोदी और शाह ने इसके बाद सहकारी क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ तोड़ने के लिए यही रणनीति तैयार की. जिसका नतीजा ये रहा कि अमित शाह अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक के प्रेसीडेंट चुने गए, जो देश का सबसे बड़ा सहकारी बैंक था. इस चुनाव में तीन जातियों यानी पटेल, गड़रिया और क्षत्रियों का प्रभुत्व मायने रखता था, लेकिन अलग जाति से होने के बावजूद शाह की जीत हैरतअंगेज होने के साथ उनकी रणनीतिक कामयाबी थी.

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गुजरात खेल संघ में दबदबा

Gujrat Sports Authority

गुजरात में ताकत की लड़ाई का तीसरा गढ़ था खेल संघ, शाह ने मोदी के सानिध्य में वहां भी करामात की और चैस एसोसिएशन के प्रेसीडेंट बन गए. उसके बाद 2009 में वो गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट पद तक जा पहुंचे और प्रेसीडेंट पद पर सीएम रहते हुए मोदीजी थे. मोदीजी के पीएम बनते ही ये पद भी शाह के पास चला गया.

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विधानसभा चुनाव 2002 : सबसे बड़ी जीत

Gujrat assembly 2002 : Big Win

2002 के विधानसभा चुनावों में अमित शाह को सरखेज विधानसभा से जो जीत मिली, वो गुजरात में सबसे बड़ी थी. अमिता शाह 1,58,036 वोटों से जीतकर आए थे और गुजरात की मोदी सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री बने. अगली बार उनकी जीत का अंतर और भी ज्यादा बढ़ गया. साथ में उनका कद भी, एक दौर तो ऐसा आया जब अमित शाह के पास 12 मंत्रालयों का प्रभार था, जिनमें सबसे अहम था गृह मंत्रालय.

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अजेय रहे हैं शाह

Always win win

अमित शाह के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने निचले स्तर से लोकसभा चुनाव तक करीब 29 चुनाव लड़े हैं, इनमें से वो कोई भी चुनाव नहीं हारे हैं. 1997, 1998, 2002, 2007 में वो विधानसभा चुनावों में जीतकर आए और पिछली 2 बार से सांसद का चुनाव जीतकर आ रहे हैं, इससे पहले जो भी चुनाव लड़े, वो हारे नहीं. यहां तक कि कॉपरेटिव बैंक या खेल संघ का चुनाव भी नहीं हारे. ऐसे में आपके लिए ये जानना दिलचस्प होगा कि अटलजी 5 बार लोकसभा चुनाव हारे थे.

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शाह ने दिखाया लक्ष्य

Shah was the pioneer

ऐसा कहा जाता है कि नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना अमित शाह ने ही दिखाया था. ये बात 90 के दशक की बताई जाती है, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री तक नहीं बने थे. अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पास एक छोटे से रेस्तरां में अमित शाह ने मोदीजी को कहा था, ‘नरेन्द्र भाई अपने आपको देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार करो’.

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सबको जानते शाह

Familiar to team

अमित शाह की खूबी है पार्टी में छोटे से छोटे कार्यकर्ता तक सुलभ पहुंच और सबका नंबर अपने मोबाइल में रखना, तालुका स्तर तक के नेता अमित शाह के सीधे सम्पर्क में रहते थे. ये अलग बात है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद इसमें काफी तब्दीली आई है, अब ये मुमकिन भी नहीं है.

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मुस्लिम मित्र

Muslim Friends

अमित शाह के तमाम सारे मुस्लिम दोस्त भी हैं, लेकिन वो पब्लिक के बीच उनके बारे में बात करना पसंद नहीं करते. अहमदाबाद में मौलानाओं का एक परिवार तो इतना घनिष्ठ है कि अमित शाह अक्सर उनके साथ भोजन पर मिलते हैं, ये अलग बात है कि पार्टी की रणनीति और सिद्धांतों के चलते आडवाणीजी का चुनाव प्रबंधक होने के बावजूद जिन्ना विवाद में उनका विरोध किया था.

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कार्यकर्ता से विधायक तक का सफर

Party worker to BJP Mla

चुनावी क्षेत्र में उनकी पहली जिम्मेदारी थी अहमदाबाद के नारंगपुरा वार्ड में पोल एजेंट की, जिसको उन्होंने बखूबी निभाया, बदले में उन्हें नारंगपुरा वार्ड का बीजेपी सेक्रेट्री बना दिया गया. बाद में वो वहां से विधायक भी बने.

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शतरंज के शौकीन शाह

Chess Player Shah

अमित शाह बचपन में चैस खेलने के शौकीन थे, एक दिन गुजरात चैस एसोसिएशन के चेयरमेन चुन लिए गए. तो अपने कार्यकाल में उन्होंने अहमदाबाद के सरकारी स्कूलों में चैस का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसके चलते सैकड़ों बच्चे चैस खेलने के लिए सामने आए और इनमें से कुछ अच्छे खिलाड़ी प्रांत या राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़े.