India China border tension: चीन की विस्तारवादी नीति ने उसके माथे पर भू माफिया का टैग लगा दिया है. ये ऐसा दाग है जिसे वो चाहकर भी नहीं छुड़ा सकता. जमीन तो जमीन समंदर के द्वीप निगलने वाला 'ड्रैगन' क्या भारत के साथ नया टकराव करने जा रहा है. इस दावे की सच्चाई का पर्दाफाश हो गया है.
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Fact Check: भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर हाल ही में किए गए वायरल दावे को भारत सरकार की फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB ने खारिज करते हुए झूठ करार दिया है. पीआईबी फैक्ट चेक में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के पास बड़े पैमाने पर मिलिट्री तैयारी के बारे में सभी वायरल दावों को खारिज कर दिया है. X पर एक पोस्ट में कहा, ' तथाकथित वीडियो का भारत-चीन सीमा पर किसी अभ्यास से कोई लेना-देना नहीं है'.
दावा फर्जी
सरकारी फैक्ट चेक की वजह ये रही कि ऐसे भ्रमित दावों से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LaC) पर नए सिरे से तनाव की चिंताएं पैदा हो गई थीं कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पास बड़े पैमाने पर मिलिट्री तैयारी शुरू कर दी है. ऐसे दावों को सरकार ने खारिज कर दिया है.
क्या है सच्चाई?
फैक्ट-चेक यूनिट ने कहा, 'वायरल फुटेज असल में पीपल्स लिबरेशन आर्मी की 78वीं ग्रुप आर्मी की एक ब्रिगेड द्वारा किया गया एक रूटीन मिलिट्री एक्सरसाइज है. ये यूनिट चीन के नॉर्दर्न थिएटर कमांड के तहत काम करती है, जिसका मुख्यालय Heilongjiang प्रांत में है. शेयर किए गए वीडियो में PLA की 78वीं ग्रुप आर्मी की एक ब्रिगेड द्वारा किया गया एक मिलिट्री अभ्यास कर रही है. इसके वीडियो का भारतीय सीमा पर किसी भी अभ्यास से कोई लेना-देना नहीं है.'
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PIB ने आगे लिखा- 'ये मिलिट्री एक्सरसाइज महीनेभर पहले हुई थी. जो अरुणाचल प्रदेश या सीमा पर कहीं और सैनिकों की किसी भी तैनाती का संकेत नहीं है. ये वीडियो सबसे पहले YouTube पर अपलोड हुआ. बाद में भ्रामक कैप्शन के साथ इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिर शेयर किया गया. PIB ने फुटेज के संदर्भ को स्पष्ट करने के लिए मूल अपलोड का लिंक भी शेयर किया.
X पोस्ट में PIB ने देश वासियों से ऐसे किसी भी कंटेंट को शेयर करने से पहले अफिसियल सोर्स से जानकारी वेरिफाई करने की अपील की है. वहीं आगे ये भी लिखा कि कृपया सतर्क रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें.
अगर आपके पास भी सोशल मीडिया और वाट्स एप पर कोई अटपटा मैसेज आया हो तो उसपर भरोसा करके फारवर्ड करने के बजाए अथेंटिक सोर्स से चेक करें.