एयरहोस्टेस मां का फेयरवेल बना यादगार, पायलट बेटी ने उड़ाया आखिरी यात्रा वाला विमान

पूजा चिंचन्कर एयरहोस्टेस के पद से जिस दिन रिटायर हुईं उस दिन उनकी आखिरी फ्लाइट उनकी पायलट बेटी ने उड़ाई.

एयरहोस्टेस मां का फेयरवेल बना यादगार, पायलट बेटी ने उड़ाया आखिरी यात्रा वाला विमान
पूजा चिंचन्कर ने 38 साल तक एयरहोस्टेस के तौर पर एयर इंडिया में काम किया है

नई दिल्ली : एयर इंडिया की चालक दल की सदस्य के रूप में 38 साल काम करने के बाद अपनी आखिरी उड़ान पूरी करने के बाद पूजा चिंचन्कर अपने आंसू रोक नहीं पाईं. मंगलवार को मुंबई से बेंगलुरु के बीच आखिरी उड़ान के साथ पूजा सेवानिवृत्त हो गईं.

पूजा चिंचन्कर के लिए यात्रियों ने जमकर तालियां बजाईं और उनका उत्साहवर्धन किया. उड़ान के दौरान घोषणा में पूजा की सेवा के लिए उनका आभार भी जताया गया. लेकिन पूजा के लिए यह विदाई और भी यादगार बन गई क्योंकि उनकी इस आखिरी उड़ान का जिम्मा उनकी ही बेटी अशरिता ने संभाला था. अशरिता एयर इंडिया की पायलट हैं.

अशरिता इस उड़ान के बारे में ट्विटर पर लिख रही थी. उनके ट्वीट वायरल हो गए और लोगों ने मां-बेटी दोनों के लिए ही प्यार भरे और सद्भावनापूर्ण संदेश लिखे.

अशरिता ने लिखा, ‘मेरी मां का सपना था कि एयर होस्टेस के रूप में उनकी आखिरी उड़ान की पायलट मैं बनूं. 38 सालों की गौरवशाली सेवा के बाद जब वह सेवानिवृत्त होंगी, मैं उनकी विरासत को आगे बढ़ाऊंगी.’ 

एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह संयोग था कि अशरिता वह विमान उड़ा रही थी जो उनकी मां की विदाई उड़ान थी. एयरलाइन ने अशरिता के लिए ट्विटर पर लिखा, ‘इस खास उड़ान के लिए आपको और आपकी मां दोनों को हमारी दिल से शुभकामनाएं. वह उड़ान जब आपकी मां हमारे यात्रियों की पूरे समर्पण के साथ सेवा का सौभाग्य आगे आपके हाथों में सौंपेंगी. विरासत बनी रहेगी.’ 

(इनपुट भाषा से)