India US News in Hindi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपना भारत का दौरा सफलतापूर्वक करके वापस जा चुके हैं. इस दौरे की पश्चिमी मीडिया में बहुत चर्चा हो रही है. ऐसे में पश्चिम ब्लॉक को साधने के लिए पीएम मोदी ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की.
Trending Photos
)
Modi Trump Latest News: तेजी से बदलती वैश्विक राजनीति में भारत अपने पत्ते बेहद संभलकर खेल रहा है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दिल्ली में भव्य स्वागत के बाद अब भारत पश्चिम ब्लॉक के देशों को साध रहा है. पीएम मोदी ने बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर लंबी बात की थी. वहीं आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल करके कई बड़े मुद्दों पर बातचीत की. इसकी जानकारी पीएम मोदी ने खुद अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके दी.
'राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण बातचीत'
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण और सार्थक बातचीत हुई. हमने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की. साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी अच्छी चर्चा की. भारत और अमेरिका वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.'
Had a very warm and engaging conversation with President Trump. We reviewed the progress in our bilateral relations and discussed regional and international developments. India and the U.S. will continue to work together for global peace, stability and prosperity.…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 11, 2025
दोनों नेताओं की यह बातचीत इतनी अहम क्यों?
बताते चलें कि हाल के महीनों में ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ की वजह से दोनों देशों के संबंध कड़वाहट से गुजर रहे हैं. इसके बावजूद दोनों मुल्क यह बात अच्छी तरह समझते हैं कि ग्लोबल सप्लाई चेन, रक्षा समझौतों का विस्तार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और तकनीकी- ऊर्जा सेक्टर में साझेदारी दोनों देशों के दीर्घकालिक हित में है. इसलिए यह बातचीत द्विपक्षीय रिश्तों को स्थिर रखने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
संतुलित तरीके से खेल रहा कूटनीतिक खेल
जियो-पॉलिटिक एक्सपर्टों के मुताबिक, नया भारत संतुलित तरीके से अपने पक्ष में कूटनीतिक खेल खेल रहा है. जिस तरह भारत ने रूस के साथ ऊर्जा, रक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में मजबूत रिश्ते बनाए रखे. इसके साथ ही इजरायल- अमेरिका जैसे पश्चिमी ब्लॉक के देशों के साथ भी सक्रिय संवाद जारी रखा. उसने दुनिया को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भारत अपनी बहुध्रुवीय कूटनीति को लेकर पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास से भरा है.
इन क्षेत्र में मजबूत हो सकता है सहयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी- ट्रंप की इस बातचीत से दोनों मुल्कों में आई कड़वाहट के घुलने की शुरुआत हो सकती है. इससे आने वाले दिनों में व्यापारिक अड़चनों को दूर करने की दिशा में प्रगति हो सकती है. दोनों मुल्क 5G/6G, रक्षा तकनीक और ऊर्जा सहयोग पर नए समझौते कर सकते हैं.
दोनों शक्तिशाली नेताओं की यह जुगलबंदी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक साझेदारी और मजबूत करेगी. भारत फिलहाल वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को संतुलन और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ा रहा है. यह बातचीत उसी दिशा का नया संकेत माना जा रहा है.