कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना औरंगजेब से की

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'दिल्ली के सुल्तान औरंगजेब से भी ज्यादा क्रूर तानाशाह मोदी जी ने देश को 43 साल पहले के आपातकाल का पाठ पढ़ाया. क्या कांग्रेस पर भड़ास निकालने से मोदी जी के जुल्म पे पर्दा डाल सकता है?'

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना औरंगजेब से की
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दिया है.

नई दिल्ली: आपातकाल की 43वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमले किए हैं. इसके जवाब में कांग्रेस ने पीएम मोदी को औरंगजेब से भी ज्यादा क्रूर बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'दिल्ली के सुल्तान औरंगजेब से भी ज्यादा क्रूर तानाशाह मोदी जी ने देश को 43 साल पहले के आपातकाल का पाठ पढ़ाया. क्या कांग्रेस पर भड़ास निकालने से मोदी जी के जुल्म पे पर्दा डल सकता है?'

सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी का वही हश्र होगा जो दूसरे तानाशाहों का हुआ है. सुरजेवाला ने कहा कि दिल्ली सल्तनत के औरंगजेब से भी क्रूर शासक मोदी ने देश को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया है. औरंगजेब ने तो पिता को बंधक बनाया था. आज के औरंगजेब मोदी ने तो पूरे लोकतंत्र को ही बंधक बना लिया है. उन्होंने कहा कि जनसंघ और जनता पार्टी की विचारधारा राजा महाराजा, जमींदारों और मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाने की थी और आज की मोदी सरकार की विचारधारा भी वही है.

कांग्रेस प्रवक्ता ने बीजेपी और पीएम मोदी पर सवालों की बौछार करते हुए कहा, 'क्या आपातकाल की दुहाई देकर अच्छे दिन आ जाएंगे? विरोधियों की आलोचना करने से दलितों पर अत्याचार बंद हो जाएंगे? क्या कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार से महिलाओं के खिलाफ अपराध बंद हो जाएंगे?' 

49 महीने से आपातकाल
सुरजेवाला ने केंद्र पर सवाल दागा, 'क्या 49 महीनों के औरंगजेब के शासन में सवाल पूछने पर देशद्रोही नहीं करार दिया जाता है? क्या दलितों की हत्या नहीं की जा रही है? क्या महिलाओं पर अत्याचार नहीं हो रहा है? क्या धर्म, जाति, खानपान और वेशभूषा के आधार पर लोगों को पीट पीटकर मार नहीं दिया जा रहा?'

सुरजेवाला ने कहा कि सच्चाई यह है कि मोदी जी अपनी नाकामियां छिपाने के लिए इतिहास से प्रतिशोध ले रहे हैं. अब वह खुद इतिहास बनने वाले हैं. उन्होंने कहा कि देश में 49 महीने से अघोषित आपातकाल है. पीएम मोदी को आपातकाल की दुहाई देने के आधार पर वोट नहीं मिला था, बल्कि अच्छे दिन के वादे के आधार पर मिला था. इसलिए भटकाइये मत, अपने काम का हिसाब दीजिए. 

पीएम का कांग्रेस पर हमला
इससे पहले पीएम मोदी ने आपातकाल के लिए गांधी परिवार पर जोरदार हमले किए. देश में 43 साल पहले आपातकाल लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि एक परिवार के ‘स्वार्थी निजी हितों के चलते भारत को जेल में तब्दील कर दिया गया था.’ आपातकाल लागू किए जाने के 43 साल पूरे हो गए हैं और बीजेपी काला दिवस मना रही है.

पार्टी की ओर से, आपातकाल की बरसी पर आयोजित बैठक में मोदी ने कहा कि इस दिन को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्वयं को पुन:समर्पित करने के लिए मनाए जाने की जरूरत है. 

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मोदी ने कहा कि आपातकाल देश के स्वर्णिम इतिहास पर काला धब्बा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ आपातकाल लगाने जैसे पाप के लिए कांग्रेस की आलोचना करने की खातिर ही आज काला दिवस नहीं मनाया जा रहा है बल्कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाना भी है.

बीजेपी के शासन में संविधान, दलितों और अल्पसंख्यकों के खतरे में होने का ‘‘काल्पनिक डर फैलाने’’ के लिए कांग्रेस की कटु आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस कभी नहीं सुधर सकती. उन्होंने कहा, ‘‘निजी हितों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपनी ही पार्टी को बर्बाद किया.’’ 

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मोदी ने कहा, ‘स्वार्थी हितों के लिए कांग्रेस ने विपक्ष के नेताओं को जेल में बंद कर देश को कारागार में बदल दिया था. उनके लिए देश और लोकतंत्र की कोई कीमत नहीं है. अदालत के फैसले के बाद (इंदिरा गांधी) प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बजाए आपातकाल लगा दिया गया. यह लोग संविधान की रक्षा करने की बात कैसे कर सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘जब किशोर कुमार जी ने उनके लिए (कांग्रेस के लिए) गाने से इनकार कर दिया तो, रेडियो पर उनके गाने बजाने नहीं दिए जाते थे.’ मोदी ने कांग्रेस पर लोकसभा में 400 से घटकर महज 44 सीटों पर सिमटने के बाद ईवीएम और भारत निर्वाचन आयोग की आलोचना करने के लिए भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने हालिया कर्नाटक चुनाव के बाद ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए.’

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए भी कांग्रेस की आलोचना की. मोदी ने कहा, ‘उन्होंने (गांधी परिवार) कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगेंगे और वह जमानत पर बाहर रहेंगे. इसलिए, कांग्रेस ने प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का फैसला लिया.’

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प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार संविधान की रक्षा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, ‘संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि वह आम जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का जरिया है.’

मोदी ने आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाने के लिए इंडियन एक्सप्रेस के रामनाथ गोयनका और कुलदीप नैयर तथा स्टेट्समैन अखबार की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ‘उनमें से कई हमारे समर्थक भी नहीं हैं. नैयर हमारे आलोचक हैं. लेकिन उन्होंने लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी.'