PM Modi Praise Amit Shah: गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या घुसपैठिए यह तय करेंगे कि इस देश में कौन प्रधानमंत्री बनेगा और कौन मुख्यमंत्री. शाह ने यह भी कहा कि 2004 तक तो किसी भी राजनीतिक दल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध नहीं किया था.
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Amit Shah Speech on SIR: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और एसआईआर पर दिए गए भाषण की पीएम नरेंद्र मोदी ने तारीफ की है. पीएम मोदी ने कहा कि अमित शाह ने शानदार भाषण दिया और उन्होंने अपनी स्पीच में तमाम तथ्य पेश किए. एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, 'गृह मंत्री अमित शाह का शानदार भाषण. ठोस तथ्यों के साथ, उन्होंने हमारे चुनावी प्रोसेस के अलग-अलग पहलुओं, हमारे लोकतंत्र की ताकत पर रोशनी डाली और विपक्ष के झूठ को भी बेनकाब किया.' पीएम मोदी का यह पोस्ट ऐसे वक्त पर आया है, जब विपक्ष एसआईआर और चुनावी सुधारों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है.
'घुसपैठिये तय नहीं करेंगे किसकी सरकार बनेगी'
वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या घुसपैठिए यह तय करेंगे कि इस देश में कौन प्रधानमंत्री बनेगा और कौन मुख्यमंत्री. शाह ने यह भी कहा कि 2004 तक तो किसी भी राजनीतिक दल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध नहीं किया था. साफ वोटर लिस्ट और स्वस्थ लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है. अगर वोटर लिस्ट, जो चुनावों का आधार हैं, सटीक और अपडेट नहीं हैं, तो हम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद नहीं कर सकते. इसलिए, वोटर लिस्ट की एसआईआर जरूरी है, इसी के लिए चुनाव आयोग ने 2025 में एसआईआर कराने का निर्णय लिया है.
An outstanding speech by Home Minister Shri Amit Shah Ji. With concrete facts, he has highlighted diverse aspects of our electoral process, the strength of our democracy and also exposed the lies of the Opposition. https://t.co/oRI21Eij8H
— Narendra Modi (@narendramodi) December 10, 2025
'2004 के बाद अब हो रहा SIR'
अमित शाह ने कहा कि 2004 के बाद अब 2025 में एसआईआर हो रहा है और इस समय सरकार एनडीए की है. 2004 तक एसआईआर प्रक्रिया का किसी भी दल ने विरोध नहीं किया था, क्योंकि यह चुनावों को पवित्र रखने की प्रक्रिया है. लोकतंत्र में चुनाव जिस आधार पर होते हैं, अगर मतदाता सूची ही प्रदूषित हो तो चुनाव कैसे साफ हो सकता है? समय-समय पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण जरूरी है, इसलिए चुनाव आयोग ने निर्णय लिया कि 2025 में एसआईआर किया जाएगा.
गृह मंत्री ने कहा कि इससे कुछ दलों के राजनीतिक स्वार्थ आहत होते हैं. मुझे उन दलों के प्रति एक प्रकार की अनुकंपा भी है, क्योंकि देश के मतदाता तो वोट देते नहीं हैं. कुछ विदेशी देते थे, वो भी चले जाएंगे.
'राहुल का हरियाणा वाला दावा गलत'
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 5 नवंबर को एक प्रेस वार्ता में एक 'परमाणु बम' फोड़ा. उस 'परमाणु बम' में उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में एक ही घर में 501 वोटर हैं. इस पर चुनाव आयोग ने साफ किया कि हाउस नंबर 265 कोई छोटा मकान नहीं है, बल्कि एक एकड़ के पुश्तैनी प्लॉट पर बने कई परिवारों का संयुक्त आवास है. हर परिवार को अलग-अलग घर नंबर नहीं दिए गए हैं, इसलिए उनका हाउस नंबर 265 ही लिखा है, और उनमें से एक परिवार की तीन पीढ़ियां साथ रह रही हैं. जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार चुनी गई तब से ये नंबर ऐसा ही चल रहा है। ये न तो फर्जी घर है और न ही फर्जी वोटर हैं.
'लोगों के नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दावा है कि मतदाता सूची में कुछ व्यक्तियों के नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हैं. दो बार नाम दर्ज होने वाले लोगों को दोष देना अनुचित है, क्योंकि यह अक्सर प्रणालीगत समस्याओं का परिणाम होता है. वास्तव में, कई ऐसे नेता हैं जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं. ये अपडेट नियमों के कारण होने वाली आम गलतियां हैं. एसआईआर का मकसद ऐसी घटनाओं को रोकना है, फिर भी हम पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया जा रहा है.