पीएम मोदी ने प्रणब मुखर्जी को ऐसे किया याद, ट्विटर पर जारी की ये तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि का राजनीतिज्ञ बताया.

पीएम मोदी ने प्रणब मुखर्जी को ऐसे किया याद, ट्विटर पर जारी की ये तस्वीर
फाइल फोटो

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि का राजनीतिज्ञ बताया. कहा कि प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर वे उनकी ‘‘ज्ञानपूर्ण सलाह’’ को कभी नहीं भुला सकेंगे. 

मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि साल 2014 में जब वे प्रधानमंत्री बने तो केंद्र की राजनीति में वे बिल्कुल नए थे और ऐसे समय में उन्हें मुखर्जी का मार्गदर्शन मिला. मोदी ने कहा कि मुखर्जी ने राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी. 

 

उन्होंने कहा कि पूरा देश भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोकाकुल है. उनके परिवार, मित्रों और देश भर में उनके प्रशंसकों व समर्थकों के प्रति उनकी संवेदानाएं है. 

बता दें कि पांच दशकों तक सार्वजनिक जीवन में रहे मुखर्जी पिछले कुछ दिनों से बीमार थे. उन्हें 10 अगस्त को दिल्ली छावनी स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसी दिन उनके मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए सर्जरी की गई.

इसके बाद मुखर्जी को फेफड़ों में संक्रमण हो गया था. सोमवार शाम को उन्होंने राजधानी दिल्ली स्थित सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में अंतिम सांस ली. वे 84 वर्ष के थे. 

प्रधानमंत्री ने मुखर्जी के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी साझा कीं. इनमें से एक तस्वीर में वे मुखर्जी के पैर छूकर प्रणाम करते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपने दशक लंबे राजनीतिक करियर के दौरान प्रणब मुखर्जी ने आर्थिक और रणनीतिक जैसे प्रमुख मंत्रालयों में दीर्घकालिक योगदान दिया.

पीएम मोदी ने कहा कि वे एक उत्कृष्ट सांसद थे, जो हमेशा पूरी तैयारी में रहते थे. वे गजब के वक्ता और साथ ही हाजिर जवाब व्यक्ति थे. उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने राष्ट्रपति भवन तक आम आदमी की पहुंच सरल बना दी. मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन को ज्ञान, नवाचार, संस्कृति, विज्ञान और साहित्य का केंद्र बनाया.

बताते चलें कि मोदी जब पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे उस वक्त मुखर्जी राष्ट्रपति थे. विपरीत विचारधाराओं से होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुखर्जी के बीच संबंधों का ऐसा तालमेल देखने को मिला कि वह राष्ट्रव्यापी चर्चा का मुद्दा बन गया. राष्ट्रपति पद का कार्यकाल खत्म होने के बाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय का दौरा किया और पिछले साल उन्हें भारत रत्न से नवाजा गया. 

राष्ट्रपति बनने से पहले वे 23 सालों तक कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारण इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य रहे. इस दौरान वे पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका भी निभाते रहे.  प्रणब मुखर्जी वर्ष 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति रहे थे.

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