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स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव पर जोर, हमारा मंत्र 'बाधा नहीं, केवल समाधान' : PM मोदी

जन औषधि दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिये प्रधानमंत्री ने जन औषधि परियोजना के लाभार्थियों से चर्चा की.

स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव पर जोर, हमारा मंत्र 'बाधा नहीं, केवल समाधान' : PM मोदी
प्रधानमंत्री ने जन औषधि परियोजना के लाभार्थियों से चर्चा की. (तस्वीर- ANI)

नई दिल्ली : लोगों को सस्ती और वहनीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव पर काम कर रही है और इसमें हमारा मंत्र 'बाधा नहीं, केवल समाधान' है.

जन औषधि दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिये प्रधानमंत्री ने जन औषधि परियोजना के लाभार्थियों से चर्चा करते हुए कहा, 'कोई इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. हम 'बाधा नहीं, केवल समाधान' की पहल के आधार पर काम कर रहे हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस क्षेत्र में सभी पक्षकार मिलकर काम करें.'

पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध करा रही है. इस योजना से 850 से ज्यादा दवाओं का मूल्य नियंत्रित किया है. हार्ट स्टेंट और घुटना प्रत्यारोपण से जुड़े उपकरणों के दाम कम किए गये हैं.'

उन्होंने कहा कि सरकार ने कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए दो बड़े कदम उठाए. प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश में जन औणधि केंद्र की श्रृंखला स्थापित की गई है जबकि 2008 से लेकर 2014 तक 6 वर्षों में केवल 80 दुकानें खोली गयी थीं. उन्होंने कहा कि वहीं 2014 के बाद पांच साल से भी कम अवधि में हमारी सरकार द्वारा पांच हजार से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए.

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 65 वर्ष में देश में सात एम्स बने थे. हमारी सरकार के बीते पांच साल में 15 एम्स या तो बन चुके हैं या बनने की प्रक्रिया चल रही है.

उन्होंने कहा कि सभी जन औषधि केंद्र संचालकों को मेरा कहना है कि आपको साल में एक बार अपने ग्राहकों का छोटा सा सम्मेलन करना चाहिए, जिससे वो और लोगों को भी इस विषय में बताएं और जागरूक करें. प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना से बीमारी के कारण संकट में फंसे परिवारों को मदद पहुंचाई जा रही है.