महिला सशक्तिकरण के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता है जरूरी : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि महिला सिर्फ एक शख्स को नहीं बल्कि पूरे परिवार को मैनेज करती हैं. ऐसे में उन्हें सही अवसर देने का वक्त है, अगर उन्हें सही अवसर दिए जाए तो वह मुश्किल का सामना कर सकती हैं.

महिला सशक्तिकरण के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता है जरूरी : पीएम मोदी
फोटो साभारः ANI

नई दिल्ली : केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से नमो ऐप के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (12 जुलाई) को रुबरु हुए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) एवं डीडीयू-जीकेवाई और आरएसईटीआई के तहत स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के साथ संवाद किया. इस संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को अवसर देने की आवश्यकता है, अगर उन्हें सही मौके दिए जाए तो वह सबकुछ हासिल करने में कामयाब होती हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की खास बातें...

- छत्तीसगढ़ के 22 जिलों में 122 बिहान बाजार आउटलेट बनाए गए हैं जहां स्वयं सहायता समूहों के 200 किस्म के प्रोडक्ट वर्तमान में बेचे जा रहे हैं.

- केंद्र सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार, दोनों के लिए ट्रेनिंग लिए सरकार द्वारा स्थापित केंद्रों पर ट्रेनिंग दी जा रही है. 

- मैं सभी राज्यों और वहां के अधिकारियों का भी अभिनन्दन करना चाहूंगा जिन्होंने इस योजना को लाखों-करोड़ों महिलाओं तक पहुंचा कर उनके जीवन में सुधार लाने का काम किया है.

- उन्होंने कहा कि महिला सिर्फ एक शख्स को नहीं बल्कि पूरे परिवार को मैनेज करती हैं. ऐसे में उन्हें सही अवसर देने का वक्त है, अगर उन्हें सही अवसर दिए जाए तो वह मुश्किल का सामना कर सकती हैं.

- आज आप किसी भी सेक्टर को देखें, तो आपको वहां पर महिलाएं बड़ी संख्या में काम करती हुए दिखेंगी. देश के एग्रीकल्चर सेक्टर और डेयरी सेक्टर की तो महिलाओं के योगदान के बिना कल्पना ही नहीं की जा सकती.

-सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत देश भर की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में करोड़ों ग्रामीण गरीब परिवारों तक पहुंचने का, उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

-प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना को सभी राज्यों में शुरु किया जा चुका है. मैं सभी राज्यों और वहां के अधिकारियों का भी अभिनन्दन करना चाहूंगा जिन्होंने इस योजना को लाखों-करोड़ों महिलाओं तक पहुंचा कर उनके जीवन में सुधार लाने का काम किया है.

-उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह का यह नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है, अलग-अलग क्षेत्र और व्यवसायों से जुड़ा हुआ है. सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, आर्थिक मदद और अवसर भी उपलब्ध करवा रही है.

-मोदी ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार, दोनों के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि देश के युवा अपनी आशा-आकांक्षा के अनुरूप आगे बढ़ सकें.

-प्रधानमंत्री ने बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न प्रदेशों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से उनका अनुभव जाना.

-उन्होंने बिहार की अमृता देवी से हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पता चला कि कैसे सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया. 

-मोदी ने कहा, ‘‘बिहार के ही कुछ और उदाहरण हैं कि वहां स्वयं सहायता समूह के ढाई लाख से अधिक सदस्य प्रशिक्षण प्राप्त कर धान की बेहतर तरीके से खेती कर रहे हैं. इसी तरह लगभग 2 लाख सदस्य नए तरीक़ों से सब्जी की खेती कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 22 जिलों में 122 बिहान बाजार आउटलेट बनाए गए हैं जहां स्वयं सहायता समूह के 200 प्रकार के उत्पाद बेचे जाते हैं.