सिख श्रद्धालुओं को 8 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर की मिलेगी सौगात, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

सिख श्रद्धालुओं को 8 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर की सौगात मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी कॉरिडोर का उद्धाटन करेंगे. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने यह जानकारी दी.

सिख श्रद्धालुओं को 8 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर की मिलेगी सौगात, PM मोदी करेंगे उद्घाटन
कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी सुल्तानपुर लोधी का दौरा करेंगे...

नई दिल्ली: सिख श्रद्धालुओं को 8 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur corridor) की सौगात मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कॉरिडोर का उद्धाटन करेंगे. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) ने यह जानकारी दी. कौर ने अपने एक ट्वीट में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्धाटन करेंगे. उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को इतिहास रचा जाएगा. गुरु नानक देवजी (Guru Nanak Dev Ji) के आशीर्वाद से आखिरकार सिख पंथ को श्री करतारपुर साहिब के खुले दर्शन दीदार का सौभाग्य मिल रहा है. करतारपुर कॉरिडोर का काम लगभग पूरा हो चुका है.  

मीडिया से बातचीत के दौरान कौर ने कहा, "पीएम मोदी 8 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद वह सुल्तानपुर लोधी का दौरा करेंगे. 11 नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति) के मंच का दौरा करेंगे. इसके बाद 12 नवंबर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भी मंच एसजीपीसी की यात्रा करेंगे. 

 

 

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने बीते गुरुवार को कहा था कि बहुप्रतीक्षित करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए अभी कोई तिथि तय नहीं की गई है लेकिन उसने आश्वासन दिया था कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर इसे अगले महीने ''समय पर शुरू कर दिया जाएगा. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने 10 अक्टूबर को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था, 'करतारपुर साहिब प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की उम्मीद है और उद्घाटन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा किया जाएगा। हालांकि, इसका समय अभी तक तय नहीं है.' 

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करतारपुर कॉरिडोर का महत्व
भारत-पाकिस्तान सीमा पर करतारपुर मार्ग पंजाब में गुरदासपुर से तीन किलोमीटर दूर है. यह गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ेगा. इससे भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी. 1539 में इसी जगह गुरु नानक देव ने शरीर छोड़ा था.