मोदी सरकार की एक योजना से मिले 16 लाख से ज्यादा रोजगार, जानें क्या है इस स्कीम का नाम

मोदी सरकार ने कितने रोज़गार दिए? रोज़गार हैं कहां? ऐसा कहने वालों के लिए एक जवाब लोकसभा से निकल कर आया है.

 मोदी सरकार की एक योजना से मिले 16 लाख से ज्यादा रोजगार, जानें क्या है इस स्कीम का नाम
रोजगार के मामले में पीएम मोदी के आलोचकों को ये डेटा परेशान कर सकता है

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने कितने रोज़गार दिए? रोज़गार हैं कहां? ऐसा कहने वालों के लिए एक जवाब लोकसभा से निकल कर आया है. जवाब रोज़गार के आंकड़ों के रूप में है. रोजगार के मामले में पीएम मोदी के आलोचकों को ये डेटा परेशान कर सकता है क्योंकि वो लगातार रोजगार नहीं होने की बात कहते रहे हैं. 

अकेले MSME मंत्रालय की एक योजना "प्रधानमंत्री इंप्लायमेंट जनरेशन प्रोगाम" (PMEGP) में  पिछले चार साल में 16 लाख से ज्यादा रोजगार दिए है. ये जानकारी MSME मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में दी है. ये रोजगार बहुत छोटी छोटी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस युनिट खोलने से पैदा हुए. सरकार ने देश के हर एक ज़िले में 75 यूनिट खोलने का टारगेट रखा है. यूनिट खोलने के लिए सरकार बैंकों, को-ऑपरेटिव के ज़रिये 10 लाख से 25 लाख रुपए देती है और दूसरे फेज़ के तहत उस यूनिट को बढ़ाने के लिए 25 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक देती है. साथ ही खादी ग्रामोद्योग के ज़रिए इस पर 15-35% सब्सिडी भी मिलती है.  

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पीएम के नाम वाली इस योजना से हर साल कितने रोजगार मिले ये आंकड़े बताते हैं:
2016-17  में 4,07,840, 2017-18 में  3,87,184, 2018-19 में 5,87,416, 2019-20 में 2,24,136 लोगों को रोजगा मिला. कुल मिलाकर 16,06,576 रोज़गार दिए गए वो भी सिर्फ एक योजना से. शहरों और ग्रामीण इलाकों में PMEGP से SC,ST वर्ग और महिलाओं को विशेष फायदा हुआ है. MSME मंत्रालय देश के GDP में 29.7% योगदान देता है वहीं कुल निर्यात में 49.66% हिस्सेदारी रखता है.