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पीएनबी, इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल करेंगे ईडी और एमडी पर कार्रवाई का निर्णय

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल अपने दो कार्यकारी निदेशकों तथा एक प्रबंध निदेशक पर आगे की कार्रवाई का निर्णय अगले महीने कर सकते हैं.

पीएनबी, इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल करेंगे ईडी और एमडी पर कार्रवाई का निर्णय
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल अपने दो कार्यकारी निदेशकों तथा एक प्रबंध निदेशक पर आगे की कार्रवाई का निर्णय अगले महीने कर सकते हैं. इन्हें हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके सहयोगियों द्वारा पंजाब नेशलन बैंक के साथ 14,000 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में दायर आरोप-पत्र में अभियुक्त के रूप में प्रस्तुत किया गया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने यह आरोप पत्र मई में दायर किया, जिसमें इन बैंकों के शीर्ष अधिकारियों की घोटाले में भूमिका बताई गई है. उसके तुरंत बाद पीएनबी ने अपने दो कार्यकारी निदेशकों से सभी अधिकार वापस ले लिए हैं. सूत्रों ने कहा कि पीएनबी के निदेशक मंडल की अगले महीने बैठक होने जा रही है, जिसमें बैंक के दो कार्यकारी निदेशकों के वी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण पर आगे की कार्रवाई को लेकर विचार किया जाएगा. इलाहाबाद बैंक भी इसी तरह का कदम उठा सकता है. 

अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी इस घोटाले का सूत्रधार है. सीबीआई ने देश के इस सबसे बड़े वित्तीय घोटाले में पहले आरोपपत्र में पीएनबी की पूर्व प्रमुख उषा अनंतसुब्रमण्यन की कथित भूमिका का उल्लेख किया था. अनंतसुब्रमण्यन अभी इलाहाबाद बैंक की सीईओ और प्रबंध निदेशक हैं. मई में पहला आरोप-पत्र दायर होने के बाद इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल ने अनंतसुब्रमण्यन से सभी कामकाजी दायित्वों को वापस ले लिया था. विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि ये आरोप बिना किसी आपराधिक मंशा के प्रणालीगत खामियों से संबंधित हैं, बोर्ड उसी परिप्रेक्ष्य में निर्णय करेगा. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पीएनबी ने दावा किया है कि उसे बैंक धोखाधड़ी रोकने से संबंधित महत्वपूर्ण ई-मेल नहीं मिला है. यह ई-मेल रिजर्व बैंक ने बैंकों को भेजा था. 

यह निर्देश 30 नवंबर, 2016 को जारी किया गया था, जिसमें सभी वाणिज्यिक बैंकों को बैंकिंग धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनी जोखिम नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करने को कहा गया था. पीएनबी की आंतरिक रपट के अनुसार यह निर्देश उसे नहीं मिला था. नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ सांठगाठ में धोखाधड़ी से जारी गारंटी पत्रों (एलओयू) के जरिये पीएनबी को 14,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया था. 

(इनपुट भाषा से)