दिल्ली में प्रदूषण फिर बढ़ा, सरकार ने की लोगों से अपील 'घबराएं नहीं'

केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि वे हालात को देखते हुए घबराए नहीं

 दिल्ली में प्रदूषण फिर बढ़ा, सरकार ने की लोगों से अपील 'घबराएं नहीं'
वायु की गुणवत्ता का स्तर शुक्रवार के 468 अंक के मुकाबले शनिवार को गिरकर 403 पर आ गया. (फोटो साभार - ANI)

नई दिल्ली : दिल्ली की आबोहवा में पिछले 24 घंटों में मामूली सुधार आने के बाद शनिवार को फिर वायु प्रदूषण में इजाफा हो गया.  हवा की गुणवत्ता का आंकलन करने वाली केन्द्रीय एजेंसी ‘सफर’ के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में शनिवार सुबह हवा की गुणवत्ता में सुधार आने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शाम होते ही प्रदूषण खतरे के स्तर को पार कर गया. हालात में आए इस नाटकीय बदलाव से सरकार और लोगों की चिंता बढ़ गई है.

इस बीच केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि वे हालात को देखते हुए घबराए नहीं, सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिये ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान दिल्ली एनसीआर से जुड़े सभी संबद्ध राज्यों में प्रभावी तरीके से लागू करेगी. उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना में पहली बार इस तरह की आपात स्थितियों से निपटने के लिये लक्षित रणनीति अपनाई है.

डा. हर्षवर्धन ने कहा कि मंत्रालय ने इसके लिए कार्यबल का गठन कर दिया है. यह दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता का लगातार विश्लेषण कर रही है. उन्होंने कहा ‘‘ हालात से निपटने के लिये प्रभावी कदम उठाये गये हैं इसलिये लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.’’ 

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सफर के परियोजना निदेशक गुफरान बेग ने बताया कि प्रदूषक तत्वों को वायुमंडल में प्रवेश करने से रोकने वाली परत काफी क्षीण हुई है. हालांकि उन्होंने पिछले सप्ताह धुंध से उपजे हालात एक बार फिर पैदा होने की आशंका से इनकार करते हुए यह जरूर कहा कि पराली के जलने से उठे धुंये की परत से राहत मिलने में अभी एक दिन का और समय लगेगा.

इस बीच केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक वायु की गुणवत्ता का स्तर शुक्रवार के 468 अंक के मुकाबले शनिवार को गिरकर 403 पर आ गया. इस बीच सुबह के समय वायु प्रदूषण के कारक तत्वों पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 490 और 290 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के स्तर पर आ गया था. यह आपात स्तर 500 और 300 से थोड़ा कम था. लेकिन शाम छह बजे यह आंकड़ा 522 और 332 पर पहुंच गया. हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट दोपहर दो बजे के बाद आना शुरू हुई थी.

दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन योजना वापस ली
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के ऑड-ईवन योजना के तहत कुछ वाहनों को दी जाने वाली रियायतें हटाने के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने सोमवार से लागू की जाने वाली योजना वापस ले ली. परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि एनजीटी के निर्देश को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया. एनजीटी ने सरकार को ऑड-ईवन योजना के तहत दी जाने वाली सभी रियायतें वापस लेने का आदेश दिया था जिनमें दोपहिया वाहनों एवं महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले वाहन जिनमें वे अकेली हों, को मिलने वाली छूट शामिल थी.

गहलोत ने कहा कि इसे देखते हुए सरकार ‘‘महिलाओं की सुरक्षा के साथ समझौता’’ करने को तैयार नहीं है क्योंकि एनजीटी ने आदेश दिया था कि एंबुलेंस एवं दमकल वाहनों जैसे आपात वाहनों को छोड़कर किसी को भी छूट नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘हम एनजीटी के फैसले का सम्मान करते हैं. एनजीटी की दो शर्तें कि दोपहिया वाहनों एवं महिलाओं को छूट नहीं दी जा सकती, से ऑड-ईवन योजना लागू करना मुश्किल हो गया क्योंकि हमारे पास पर्याप्त बसें नहीं हैं.’’ 

मंत्री ने कहा, ‘‘साथ ही हम महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते. हम जोखिम नहीं ले सकते. पीमए(पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 और पीएम10 स्तर भी नीचे आ गए हैं. इसलिए इस समय हम इसे वापस ले रहे हैं. हम सोमवार को एनजीटी में एक समीक्षा याचिका दायर करेंगे.’’

बता दें इस हफ्ते की शुरूआत में दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की चादर बनने तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण 13-17 नवंबर के बीच ऑड-ईवन योजना लागू करने की घोषणा की थी. रविवार तक के लिए स्कूल भी बंद कर दिए गए.