प्रद्युम्न मर्डर केस: नाबालिग आरोपी को जमानत मिलेगी या नहीं, सोमवार को आ सकता है फैसला

प्रद्युम्न मर्डर केस में नाबालिग आरोपी को जमानत मिलेगी या नहीं, इस पर कोर्ट सोमवार को फैसला सुना सकता है.

प्रद्युम्न मर्डर केस: नाबालिग आरोपी को जमानत मिलेगी या नहीं, सोमवार को आ सकता है फैसला
प्रद्युम्न मर्डर केस में नाबालिग की याचिका पर सोमवार को आ सकता है फैसला

गुड़गांव: प्रद्युम्न मर्डर केस में नाबालिग आरोपी को जमानत मिलेगी या नहीं, इस पर कोर्ट सोमवार को फैसला सुना सकता है. गुड़गांव की अदालत ने रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के लड़के प्रद्युम्न की हत्या करने के आरोपी 16 साल के छात्र की जमानत याचिका पर सोमवार तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित किया है. गौरतलब है कि दिसंबर 2017 में 16 वर्षीय आरोपी छात्र को जमानत नहीं देने के किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को चुनौती देने वाली आरोपी की याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन नाबालिग आरोपी की जमानत याचिका का सीबीआई द्वारा विरोध करने पर सुनवाई 6 जनवरी तक स्थगित कर दी गई थी.

बालिग की तरह चलेगा मुकदमा
किशोर न्याय बोर्ड ने 20 दिसंबर को अपने फैसले में कहा था कि 16 वर्षीय आरोपी के खिलाफ वयस्कों की भांति मुकदमा चलेगा. किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और सुरक्षा) कानून, 2015 के तहत बलात्कार, हत्या, डकैती और हत्या, जैसे गंभीर अपराध जिनमें न्यूनतम सजा सात वर्ष हो के आरोपी किशोरों के लिए आयु सीमा को 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष कर दिया था.

हालांकि, किशोर न्याय बोर्ड पहले यह तय करता है कि किशोर द्वारा किया गया अपराध ‘‘बच्चों जैसी’’ गलती है या फिर ‘‘वयस्को जैसी मानसिक स्थिति’’ में घटना को अंजाम दिया गया है, उसके बाद बोर्ड तय करता है कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा वयस्कों की भांति चलेगा या नहीं.

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बोर्ड ने 20 दिसंबर को अपने फैसले में कहा कि रायन स्कूल परिसर में सात वर्षीय बच्चे की हत्या के आरोपी 16 वर्षीय छात्र के खिलाफ वयस्क व्यक्ति की भांति मुकदमा चलेगा. बोर्ड के समक्ष आवेदन किया गया था कि इस आरोप के अपराधी के साथ किशोरों की भांति व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए.

बोर्ड ने खारिज की थी जमानत याचिका
गुड़गांव स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में आठ सितंबर को दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या करने के आरोपी 11वीं कक्षा के छात्र की जमानत अर्जी को बोर्ड पहले ही खारिज कर चुका है.

बोर्ड ने पीजीआई रोहतक के एक मनोविश्लेषक वाली समिति गठित की थी ताकि उसे आरोपी के संबंध में विशेषज्ञ राय मिल सके. किशोर को सीबीआई ने नवंबर में हिरासत में लिया था. समिति ने दो सीलबंद लिफाफों में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.

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किशोर न्याय बोर्ड ने कहा था कि आरोपी अपने कृत्य के परिणामों को समझने के लिए परिपक्व है. सीबीआई का दावा है कि आरोपी ने प्रद्युम्न को इसलिए मारा ताकि स्कूल बंद हो जाए और ‘‘पैरेन्ट-टीचर मीटिंग’’ और परीक्षाओं को टाल दिया जाए.