भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोत्सवाना दौरा कूटनीतिक नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है. इस देश से भारत में चीते को ट्रांसलोकेट करने को लेकर अहम बात हो सकती है.
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President Droupadi Murmu Botswana Visit: अंगोला के दौरे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोत्सवाना के गबोरोन (Gaborone) पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. इस अवसर पर बोत्सवाना के राष्ट्रपति, एडवोकेट ड्यूमा गिदोन बोको (Advocate Duma Gideon Boko) भी मौजूद थे. राष्ट्रपति मुर्मू का बोत्सवाना दौरा किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इस देश की पहली राजकीय यात्रा है. ये विजिट अफ्रीका के उनके 2-राष्ट्रों के दौरे का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत अंगोला से हुई थी, जो इस महाद्वीप के साथ भारत के गहरे होते रिश्ते को बयां करता है.
LIVE: Ceremonial welcome of President Droupadi Murmu in Botswana https://t.co/PLYW9y01fc
— President of India (@rashtrapatibhvn) November 11, 2025
अंगोला के बाद बोत्सवाना
इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू अपने अंगोलाई समकक्ष, जोआओ लौरेंको (Joao Lourenco) के निमंत्रण पर 8 से 11 नवंबर तक की अपनी यात्रा के पहले स्टेज, अंगोला में अपने कार्यक्रमों के समापन के बाद लुआंडा से बोत्सवाना की अपनी यात्रा के लिए रवाना हुईं. अंगोला के दौरे ने अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों को मजबूत करने की भारत के कमिटमेंट को अंडरलाइन किया. ये ऐतिहासिक यात्रा हाल ही में हुए हाई लेवल-एक्सचेंज पर आधारित थी, जिसमें मई में अंगोला के राष्ट्रपति लौरेंको की नई दिल्ली यात्रा भी शामिल थी.
In the final leg of her two-nation visit to Africa, President Droupadi Murmu landed at the Sir Seretse Khama International Airport, Gaborone, Botswana. This is the first-ever State Visit of an Indian Head of State to Botswana.
In a special gesture reflecting the depth of… pic.twitter.com/TelxxhZefN— President of India (@rashtrapatibhvn) November 11, 2025
अंगोला दौरे पर क्या हुआ?
इस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं ने इस साल की शुरुआत में तय किए गए एजेंडे को आगे बढ़ाया, जिसके तहत भारत ने अंगोला को अपने रक्षा बलों के आधुनिकीकरण में मदद के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ऋण सहायता को मंजूरी दी थी. दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत की, जिसका मकसद अंगोला को भारत से रक्षा उपकरण हासिल करने में सुविधा देना था.
प्रोजेक्ट चीता पर बात
विदेश मंत्रालय के आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला (Sudhakar Dalela) के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा राजनीतिक, आर्थिक, विकासात्मक और सांस्कृतिक आयामों में साझेदारी को गहरा करने पर भारत के बढ़ते फोकस को दिखाती है. उन्होंने आगे बताया कि इस यात्रा में भारत में प्रोजेक्ट चीता के तहत बोत्सवाना से चीतों को ट्रांसलोकेट करने पर भी चर्चा हुई. बोत्सवाना ने प्रोजेक्ट चीता और बोत्सवाना से भारत में चीतों के संभावित ट्रांसलोकेशन पर भारत के साथ सहयोग करने की ख्वाहिश भी जताई है.
इन क्षेत्र पर फोकस
बोत्सवाना के दौरे में व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, कृषि, हेल्थ, फार्मास्यूटिकल्स, डिफेंस और पीपल टू पीपल एक्सचेंज में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा. अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू द्विपक्षीय चर्चाएं करेंगी, बोत्सवाना की नेशनल असेंब्ली को संबोधित करेंगी और सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक साइट्स का दौरा करेंगी.
(इनपुट-एएनआई)