पहली बार मालदीव जाएंगे पीएम मोदी, राष्‍ट्रपत‍ि सोलि‍ह के शपथग्रहण में होंगे शामि‍ल

व‍ि‍देश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने इस बात की पुष्‍ट‍ि करते हुए कहा, 17 नवंबर को होने वाले राष्‍ट्रपत‍ि सोल‍िह के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी हि‍स्‍सा लेंगे.

पहली बार मालदीव जाएंगे पीएम मोदी, राष्‍ट्रपत‍ि सोलि‍ह के शपथग्रहण में होंगे शामि‍ल

माले/नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार मालदीव की यात्रा पर जाएंगे. वह अब तक इस छोटे और भारत के लि‍ए रणनीति‍क मुल्‍क की यात्रा पर नहीं गए हैं. लेकि‍न अब वह मालदीव में नए राष्‍ट्रपत‍ि इब्राहि‍म सोल‍िह के शपथ ग्रहण में शामि‍ल होंगे. व‍ि‍देश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने इस बात की पुष्‍ट‍ि करते हुए कहा, 17 नवंबर को होने वाले राष्‍ट्रपत‍ि सोल‍िह के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी हि‍स्‍सा लेंगे.

मालदीव में राष्ट्रपति चुनाव परिणाम आ चुके हैं. इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने इस सबसे बड़े मुकाबले में मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन को हराया है. इसके साथ ही भारत और मालदीव के बीच चल रही तनातनी खत्म होने के आसार लग रहे हैं.

बता दें कि मालदीव उन देशों में शामिल है, जहां मई 2014 में सत्ता संभालने के बाद पीएम मोदी नहीं जा सके हैं. सोलिह के जीतने के बाद पीएम मोदी ने खुद उन्हें फोन कर बधाई दी थी. मालदीव के एक टीवी चैनल राजे टीवी को दिए इंटरव्यू में सोलिह ने स्वीकार किया है कि उन्हें पीएम मोदी ने फोन कॉल कर  बधाई दी है. इसके साथ पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही. इतना ही नहीं उन्होंने सोलिह को भारत आने का न्योता भी दिया. इसे सोलिह ने स्वीकार कर लिया है. इसकी तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी.

2015 में पीएम मोदी जाने वाले थे...
दक्षिण एशियाई देशों में मालदीव एकमात्र देश है, जहां पीएम मोदी अपने कार्यकाल में नहीं जा पाए हैं. 2015 में वह मालदीव की यात्रा पर जाने वाले थे, लेकिन वहां पर चल रहे राजनीतिक संकट और विरोध प्रदर्शन के कारण उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी थी. उस समय मोहम्मद नशीद की गिरफ्तारी के कारण तनाव चरम पर था.

पीएम मोदी दुनिया में पहले नेता, जिन्होंने सोलिह को बधाई दी
अब्दुल्ला यमीन के खिलाफ चुनाव जीतने के बाद सोलिह को सबसे पहले दुनिया में बधाई पीएम मोदी ने दी थी. सोलिह ने पीएम मोदी को इसके लिए धन्यवाद दिया था. अपनी बातचीत में दोनों नेताओं ने साथ काम करने के अलावा दोनों देशों के बीच संपर्क को और मजबूत करने की बात कही थी.