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संसद के कार्यदिवसों की संख्या तय करने के प्रावधान वाला निजी विधेयक राज्यसभा से नामंजूर

उच्च सदन ने शिरोमणि अकाली दल के सदस्य नरेश गुजराल के निजी विधेयक संसद (उत्पादकता में वृद्धि) विधेयक,2017 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया. 

संसद के कार्यदिवसों की संख्या तय करने के प्रावधान वाला निजी विधेयक राज्यसभा से नामंजूर
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राज्यसभा ने शुक्रवार को उस निजी विधेयक को नामंजूर कर दिया जिसमें संसद के कार्य दिवसों की संख्या निर्धारित करने और मौजूदा तीन सत्रों के अलावा अतिरिक्त सत्र शुरू करने का प्रस्ताव किया गया था.

उच्च सदन ने शिरोमणि अकाली दल के सदस्य नरेश गुजराल के निजी विधेयक संसद (उत्पादकता में वृद्धि) विधेयक,2017 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया. गुजराल उस समय सदन में मौजूद नहीं थे.

इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि संसद की उत्पादकता के विषय पर सदन के अंदर और अलग अलग प्रकार से सदन के बाहर भी कई बार चर्चा हुई है.

'इस निजी विधेयक के पारित होने से कोई बात नहीं बनेगी' 
गोयल ने कहा कि इस विषय पर सभी पार्टियों के वरिष्ठ नेता, सभापति, संसद के अधिकारी आदि साथ बैठकर चर्चा करें. उन्होंने कहा कि इस निजी विधेयक के पारित होने से कोई बात नहीं बनेगी.

उन्होंने कहा कि इस संबंध में हम सब मिल कर और चर्चा करें फिर सरकार उचित कार्रवाई करेगी. इस विधेयक पर चर्चा पिछले साल मानसून सत्र में तीन अगस्त को शुरू हुयी थी. आज चर्चा में सिर्फ भाजपा नेता राकेश सिन्हा ने ही भाग लिया.

सिन्हा ने विभिन्न देशों में द्विसदनात्मक व्यवस्था होने का जिक्र किया और कहा कि राज्यसभा का अपना स्वर्णिम इतिहास रहा है और कई दिग्गज नेता इसके सदस्य रहे हैं.