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छोटा राजन को लाने के लिए 2 दिन में बाली रवाना हो सकते हैं अधिकारी

भारत के सर्वाधिक वांछित गैंगस्टरों में शामिल छोटा राजन के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि उसे अगले हफ्ते इंडोनेशिया से भारत लाया जा सकता है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरिन रिजीजू ने कहा है कि छोटा राजन के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

छोटा राजन को लाने के लिए 2 दिन में बाली रवाना हो सकते हैं अधिकारी

नई दिल्ली : सुरक्षा एजेंसियां इंडोनेशिया से छोटा राजन को लाने के लिए अगले दो दिन में अधिकारियों के एक दल को वहां रवाना कर सकती हैं जहां वह रविवार से हिरासत में है।

हालांकि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके गैंग के साथ छोटा राजन की दुश्मनी के चलते सुरक्षा चिंताओं की वजह से उसे वापस लाने के बंदोबस्त के बारे में सूत्र कोई जानकारी नहीं दे रहे।

सूत्रों का कहना है कि एक समय दाऊद के बहुत खास रहे 55 साल के राजन को वापस लाने के लिए एजेंसियां कई संभावनाओं के साथ एक से अधिक योजनाओं पर काम कर रहीं हैं।

सीबीआई के सूत्रों से जब पूछा गया कि क्या छोटा राजन को वापस लाने के लिए पहले ही एक दल को रवाना किया जा चुका है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन बाद में कहा कि इस स्तर पर कोई जानकारी साझा नहीं की जा सकती और हर कदम कानून के अनुसार उठाया जाएगा।

इस बीच माना जाता है कि राजन सिडनी में उसे जारी वैध दस्तावेजों के साथ वहां रह रहा था लेकिन उसके नाम, उम्र और पते संबंधी जानकारियां फर्जी थीं। सूत्रों ने बताया कि राजन को जब ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की गुप्त सूचना पर इंडोनेशियाई पुलिस ने बाली हवाईअड्डे पर गरण इंडोनेशिया की उड़ान संख्या जीए715 से उतरने के बाद गिरफ्तार किया था तब वह पासपोर्ट संख्या जी9273860 के साथ मोहन कुमार नाम से यात्रा करके आया था।

सूत्रों ने कहा कि राजन पिछले छह महीने से भारत वापसी के लिहाज से कई पुलिस अधिकारियों के संपर्क में था क्योंकि उसे ऑस्ट्रेलिया में दाउद के गुर्गे छोटा शकील से जान का खतरा था।

जब केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरेन रिजीजू से पूछा गया कि राजन को कितनी जल्द इंडोनेशिया से वापस लाया जाएगा, जहां उसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था तो उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया और भारत में कानून अलग-अलग हैं और दोनों देश संभावनाएं तलाश रहे हैं।

रिजीजू ने कहा, ‘हम कानून के सभी प्रावधानों और भारत तथा इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय समझौते का अध्ययन कर रहे हैं। छोटा राजन को भारत जल्द वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।’ भारत के अति वांछित गैंगस्टरों में शामिल छोटा राजन को रविवार को इंडोनेशिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाली में गिरफ्तार किया गया था। दो दशकों तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा देते रहे राजन को इंटरपोल द्वारा 1995 में जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में कहा, ‘हम अधिकारियों से अनुरोध करेंगे कि छोटा राजन को महाराष्ट्र के सुपुर्द किया जाए। छोटा राजन ने महाराष्ट्र में कई अपराध किये। हम उसके खिलाफ सबूत देंगे।’ हालांकि महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के पी बख्शी ने कहा, ‘हमें अभी तक (छोटा राजन की गिरफ्तारी के बारे में) केंद्र से कोई विश्वसनीय सूचना या निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार अगर कुछ कहेगी और जब भी कहेगी, हम तत्काल कार्रवाई करेंगे।’ राजन को भारत लाने के बारे में पूछे जाने पर इंडोनेशिया में भारत के राजदूत गुरजीत सिंह ने जकार्ता में कहा कि मौजूदा कानूनों की वजह से प्रक्रिया में कोई समस्या नहीं आएगी।

सिंह ने कहा, ‘अतीत में हमने इन संधियों से परे जाकर अपने उद्देश्यों की पूर्ति की है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह किसी कानूनी दस्तावेज के नहीं होने या उसके होने का सवाल है। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते बहुत गर्मजोशी भरे हैं।’ इस बीच मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त डी शिवानंदन ने उम्मीद जताई कि पुलिस मुंबई में छोटा राजन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में उसे दोषी साबित कराने में सफल होगी।

उन्होंने मुंबई पुलिस की पेशेवर क्षमताओं पर विश्वास जताते हुए कहा, ‘हमें नहीं भूलना चाहिए कि मुंबई पुलिस को 1995 में बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के मामले में गैंगस्टर अबू सलेम को दोषी साबित कराने में सफलता मिली थी।’