Breaking News
  • कोरोना पर पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद ये दूसरा सबसे बड़ा संकट
  • पीएम मोदी के आवास पर कैबिनेट की अहम बैठक, हो सकता है बड़ा ऐलान

कोरोना वायरस की मुफ्त जांच के लिए दायर की गई जनहित याचिका

देश में सभी नागरिकों को कोविड-19 की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को एक जनहित याचिका दायर की गई है.

कोरोना वायरस की मुफ्त जांच के लिए दायर की गई जनहित याचिका

नई दिल्ली: देश में सभी नागरिकों को कोविड-19 (COVID-19) की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को एक जनहित याचिका दायर की गई है. अधिवक्ता शशांक देव सुधी ने यह याचिका दायर की, जिसमें अनुरोध किया गया है कि केन्द्र और संबंधित प्राधिकारियों को कोविड-19 की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए.

याचिका में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के 17 मार्च के परामर्श पर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें निजी अस्पतालों और लैब मे कोविड-19 की जांच के लिए अधिकतम मूल्य 4500 रूपए निर्धारित किया गया है.

याचिका में कहा गया है कि आम नागरिक के लिए सरकार अस्पताल या प्रयोगशाला में कोविड-19 की जांच कराना बहुत ही मुश्किल काम है और इसका कोई अन्य विकल्प नहीं होने की वजह से लोगों को निजी अस्पतालों या प्रयोगशालाओं को जांच के लिए 4500 रूपए देने पड़ रहे हैं.

UP में COVID-19 मरीजों की संख्या 100 के पार, अब लॉकडाउन में पैदल चलने वालों पर भी होगा एक्शन

याचिका के अनुसार, कोरोनावायरस का खतरा बहुत ही ज्यादा गंभीर है और इस महामारी पर अंकुश पाने के लिए जांच ही एकमात्र रास्ता है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस मामले में प्राधिकारी आम आदमी की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदहीन है. आम आदमी पहले से ही लॉकडाउन की वजह से आर्थिक बोझ में दबा हुआ है.

याचिका में यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि कोविड-19 से संबंधित जांच एनएबीएल या आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में की जाए.

इसी तरह याचिका में कहा गया है कि आईसीएमआर को नियमित रूप से राष्ट्रीय टीवी चैनलों के माध्यम से जनता को कोरोनावायरस की स्थिति और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देने का भी निर्देश दिया जाए.