पुलवामा हमला: चाय निर्यातकों ने कहा; देश पहले, पाकिस्तान के साथ व्यापार बाद में

इंडिया टी एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन (आईटीईए) के चेयरमैन अंशुमान कनौड़िया ने कहा, "हम अब पाकिस्तान के साथ व्यापार के बारे में सोच भी नहीं रहे हैं. हम सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं ." 

पुलवामा हमला: चाय निर्यातकों ने कहा; देश पहले, पाकिस्तान के साथ व्यापार बाद में
पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए...

कोलकाता: जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन द्वारा सीआरपीएफ जवानों पर हमले के बाद प्रमुख चाय निर्यातकों ने कहा कि वे सरकार के साथ हैं और व्यापार का मुद्दा गौण हो गया है. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए हैं. निर्यातक निकाय ने कहा है कि नुकसान के बावजूद वे केंद्र सरकार के प्रतिशोधात्मक उपाय के तहत निर्यात रोकने को तैयार हैं. 

इंडिया टी एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन (आईटीईए) के चेयरमैन अंशुमान कनौड़िया ने कहा, "हम अब पाकिस्तान के साथ व्यापार के बारे में सोच भी नहीं रहे हैं. हम सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं और सरकार की कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं." पाकिस्तान को चाय का निर्यात करने वाले गोपाल पोद्दार ने कहा, "अब हमें कारोबार की परवाह नहीं. व्यापार अब गौण हो गया है." 

कनोरिया ने कहा कि चाय निर्यातक केंद्र सरकार के किसी भी फैसले का समर्थन करेंगे. गुरुवार को हुआ यह हमला जम्मू एवं कश्मीर में 1989 में आंतकवाद के उभार के बाद से सबसे बड़ा हमला है. इसमें विस्फोटकों से भरी एक एसयूवी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की बस से जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर पुलवामा जिले में टकरा दिया गया, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए.  

कनोरिया ने कहा, "भीषण आतंकी हमले के बाद हमने वाणिज्यिक प्रभाव के बारे में सोचने की जहमत नहीं उठाई है. देश पहले आता है और हम वास्तव में सरकार के दिशानिर्देश का इंतजार कर रहे हैं."

कनोरिया की बात का समर्थन करते हुए इंडिया टी एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गोयनका ने कहा, "जब भी दोनों देशों में तनाव बढ़ता है, निर्यात प्रभावित होता है. हमने अतीत में भी ऐसा देखा है. हालांकि हम केंद्र सरकार के फैसले का पूर्ण समर्थन करते हैं. देश की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है."

टी बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2018 में पाकिस्तान को कुल 1.58 करोड़ किलोग्राम चाय का निर्यात किया गया, जो पिछले साल से 7.5 फीसदी अधिक है. साल 2017 में पाकिस्तान को कुल 1.54 करोड़ किलोग्राम चाय का निर्यात किया गया था.