Putin India visit 2025 News: भारत में 30 घंटे का दौरा पूरा करके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने देश की ओर रवाना हो गए हैं. इस दौरान उन्होंने संकेतों में दुनिया को भारत और रूस की ताकत दिखा दी है.
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Message to world from Putin visit to India: दुनिया को रूस और भारत की ताकत दिखा पुतिन दिल्ली से मॉस्को के लिए रवाना हो गए हैं. अपने 30 घंटे के दौरे में पुतिन ने भारत के साथ कई ऐसी डील को फाइनल शेप दी है. जिससे अमेरिका, पाकिस्तान-चीन समेत दुनिया दंग है.
दिल्ली में दो दिनों की उच्चस्तरीय बातचीत और रणनीतिक बैठकों के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को मॉस्को के लिए रवाना हो गए. यह यात्रा केवल औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि दुनिया को एक बड़ा संकेत थी. वह संकेत ये था कि भारत और रूस की दोस्ती आज भी उतनी ही सशक्त है जितनी 25 साल पहले थी. यही नहीं, इस बार यह साझेदारी नए आयामों के साथ आगे बढ़ी है.
दुनिया में मची है उथल-पुथल
पुतिन का दिल्ली दौरा ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक राजनीति में लगातार बदलाव आ रहे हैं. अमेरिका-चीन में तनाव लगातार गहरा रहा है. यूरोप में अस्थिरता है और एशिया में नए समीकरण बन रहे हैं. ऐसे माहौल में भारत और रूस ने खुलकर यह संदेश दिया कि उनकी साझेदारी भविष्य की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
रूसी राष्ट्रपति के इस 30 घंटे के दौरे में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए. बताया जा रहा है कि संयुक्त सैन्य उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि भारत की ‘मेक इन इंडिया’ नीति को रूस की तकनीकी क्षमता का सीधा समर्थन मिल सके. इसके अलावा व्यापार बढ़ाने के लिए स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन और तेल आयात पर नई सहमति भी बनी है. यह पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच दोनों देशों के हितों को मजबूत करेगी.
दौरे में मोदी-पुतिन की पहली यात्रा को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात ने दोनों देशों की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को भी फिर उजागर किया. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने 2000 में पुतिन की पहली भारत यात्रा को याद किया और स्वीकार किया कि उसी यात्रा ने संबंधों को नई दिशा दी थी. आज 2025 में, यह साझेदारी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है. फिर चाहे वह रक्षा से जुड़े मामले हों, अंतरिक्ष सहयोग हो या आर्थिक तालमेल.
दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी करके कहा कि भारत और रूस वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन जारी रखेंगे. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यात्रा एक स्पष्ट संकेत है कि बदलती भू-राजनीति में भारत–रूस की दोस्ती न तो कमजोर हुई है और न ही पिछड़ी है. इसके बजाय यह दोस्ती नए दौर के लिए और भी व्यवहारिक, संतुलित और रणनीतिक हो गई है.
डन हो गई है दोस्ती वाली डील
पुतिन के विमान के उड़ान भरते ही यह तस्वीर और साफ हो गई यानी दोस्ती वाली डील डन हो गई है. भारत और रूस ने दुनिया को दिखा दिया है कि उनकी साझेदारी की ताकत आज भी अटूट है. आने वाले वर्षों में उसका असर वैश्विक मंचों पर और गहरा दिखाई देगा.