राफेल मामलाः CAG रिपोर्ट को लेकर सवाल करने वाले खड़गे को सुब्रमण्यम स्वामी का जवाब

इससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह पीएसी के सदस्यों से आग्रह करेंगे कि अटॉर्नी जनरल और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बुलाकर पूछा जाए कि राफेल मामले में कैग की रिपोर्ट कब और कहां आई है.

राफेल मामलाः CAG रिपोर्ट को लेकर सवाल करने वाले खड़गे को सुब्रमण्यम स्वामी का जवाब
फोटो- एएनआई
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नई दिल्लीः राफेल डील केस में सीएजी रिपोर्ट को सौंपने पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेता और संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे पर पलटवार किया है. बता दें कि खड़गे ने आरोप लगाया है कि सरकार ने इस मामले में कोर्ट के सामने कैग रिपोर्ट के तौर पर गलत जानकारी रखी जिस वजह से इस तरह का निर्णय आया है. उन्होंने दावा किया कि पीएसी को सीएजी की रिपोर्ट रिसीव ही नहीं हुई है.

स्वामी ने कहा है, 'मल्लिकार्जुन खड़गे को कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताना चाहिए कि उन्हें राफेल मामले से संबंधित सीएजी की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, ना ही पीएसी ने ऐसी किसी रिपोर्ट की जांच की है.' 

इससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह पीएसी के सदस्यों से आग्रह करेंगे कि अटॉर्नी जनरल और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बुलाकर पूछा जाए कि राफेल मामले में कैग की रिपोर्ट कब और कहां आई है.


फोटोः एएनआई

लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने संवाददाताओं से कहा, 'राफेल के बारे में न्यायालय के सामने सरकार को जिन चीजों को ठीक ढंग से रखना चाहिए था, वो नहीं रखा. अटॉर्नी जनरल ने इस तरह से पक्ष रखा कि न्यायालय को यह महसूस हुआ कि कैग रिपोर्ट संसद में पेश हो गई है और पीएसी ने रिपोर्ट ने देख ली है.' उन्होंने कहा, 'जब पीएसी जांच करती है तो साक्ष्यों को देखती है. लेकिन न्यायालय को गलत जानकारी दी गयी और जिसके आधार पर गलत निर्णय आया.' खड़गे ने कहा, 'पीएसी के सदस्यों से आग्रह करने जा रहा हूं कि अटॉर्नी जनरल को बुलाया जाए और कैग को भी बुलाया जाए ताकि यह पूछा जाए कि यह रिपोर्ट कब आई और पीएसी को कब मिली है .'

उन्होंने कहा, 'अगर यह रिपोर्ट नहीं आई तो सरकार ने झूठ क्यों बोला? वह माफी मांगे. सरकार को कहां से क्लीन चिट मिलती है? किसी चीज को धोखे में रखकर की जाए तो वो ठीक नहीं है.' उन्होंने कहा, 'इसलिये हम जेपीसी की मांग कर रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

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इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को इस विमान सौदे में भ्रष्टाचार होने का आरोप फिर दोहराया और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार बताए कि इस मामले पर कैग की रिपोर्ट कहां है जिसका उल्लेख शीर्ष अदालत में किया गया है. गांधी ने इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर यह जांच हो गई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम ही सामने आएगा.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले में नरेन्द्र मोदी सरकार को शुक्रवार को एक तरह से क्लीन चिट दे दी. साथ ही शीर्ष अदालत ने सौदे में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज किया.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा कि अरबों डॉलर कीमत के राफेल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है. ऑफसेट साझेदार के मामले पर तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि किसी भी निजी फर्म को व्यावसायिक लाभ पहुंचाने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.

(इनपुट भाषा से भी)

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