कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वीकारी हार

राहुल गांधी ने कहा कि लोगों का विश्वास जीतने तक कड़ी मेहनत करते रहेंगे। वहीं कांग्रेस पार्टी ने हार स्वीकार करने के साथ ही साथ अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बचाव की कवायद शुरू कर दी है। पीसी चाको ने स्पष्ट तौर पर राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि हार के लिए वह दोषी नहीं हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वीकारी हार

नई दिल्ली:राहुल गांधी ने कहा कि लोगों का विश्वास जीतने तक कड़ी मेहनत करते रहेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि मैं चुनाव जीतने वाले दलों को शुभकामनाएं देता हूं।

वहीं कांग्रेस पार्टी ने हार स्वीकार करने के साथ ही साथ अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बचाव की कवायद शुरू कर दी है। पीसी चाको ने स्पष्ट तौर पर राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि हार के लिए वह दोषी नहीं हैं।

पीसी चाको ने कहा कि विधानसभा चुनावों में रणनीति बनाने की जिम्मेदारी राज्य पार्टी की होती है। हालांकि उन्होंने हार की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के रुझानों में कांग्रेस अपने गठबंधन के राजनीतिक दलों के साथ बुरी हार का सामना कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी हार स्वीकार कर ली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने कहा है कि पार्टी पहले भी हार के बाद सशक्त वापसी कर चुकी है, हम आगे भी वापसी करेंगे।

वहीं लेफ्ट नेता वृंदा करात ने इस करारी हार के बाद कहा है कि पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन के कदम की समीक्षा करेगी। कांग्रेस पश्चिम बंगाल में दूसरे नंबर की पार्टी बनकर सामने आई है, जोकि कांग्रेस के लिए थोड़ी राहत की खबर है।असम में भी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। तरुण गोगोई के नेतृत्व में पिछले 15 साल से सत्ता में बैठी कांग्रेस की विदाई तय मानी जा रही है, जबकि बीजेपी असम में पहली बार अपने बूते पर सरकार बनाने की हैसियत में दिख रही है।

वहीं, तमिलनाडु में भी कांग्रेस और डीएमके मिलकर जयललिता का तिलिस्म नहीं तोड़ पाए हैं। जयललिता करीब-करीब लगातार दूसरी बार सरकार बनाती नजर आ रही हैं।कांग्रेस ने पांच राज्यों में चुनाव परिणामों पर निराशा जताई क्योंकि पार्टी अपने शासन वाले केरल तथा असम में हार गई है तथा पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गठबंधन के बावजूद यह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने परिणामों को निराशाजनक कहा, लेकिन यह भी कहा कि परिणाम ‘‘अप्रत्याशित नहीं’’ हैं । उन्होंने असम में पार्टी की हार का कारण लोगों की ‘‘बदलाव’’ की इच्छा को बताया जहां तीन कार्यकाल से मुख्यमंत्री तरूण गोगोई कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे थे ।

उन्होंने कहा, ‘‘परिणाम निराशाजनक हैं, लेकिन अप्रत्याशित नहीं हैं । 15 साल बाद केरल शायद बदलाव चाह रहा था, केरल क्रमिक है ।’’ पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और माकपा गठबंधन के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए खतरा उत्पन्न करने में विफल रहने पर उन्होंने कहा कि परिणाम के बावजूद कांग्रेस और वाम के बीच गठबंधन ‘‘अत्यंत स्वाभाविक’’ है ।