पुलवामा हमले पर PAK मंत्री के कबूलनामे के बाद राहुल गांधी माफी मांगें: BJP

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पड़ोसी देश के मंत्री की स्वीकारोक्ति के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.

पुलवामा हमले पर PAK मंत्री के कबूलनामे के बाद राहुल गांधी माफी मांगें: BJP
फ़ाइल फोटो

बेगूसराय/सिवान: भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पड़ोसी देश के मंत्री की स्वीकारोक्ति के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए. बेगूसराय और सिवान में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि पाकिस्तान की संसद में उसके एक मंत्री ने स्वीकार किया है कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ है. जबकि राहुल गांधी कहा करते थे कि इसमें पाकिस्तान का हाथ नहीं है और पाकिस्तान की बात सिर्फ बरगलाने के लिये है.

कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए.’ भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पाकिस्तान के वकील बने हुए है और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं. नड्डा ने आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 समाप्त करने को लेकर गांधी के बयान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र में उद्धृत करते हैं.

तेल पिलावन, डंडा भजावन है लालू की पार्टी

लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राजद पर राज्य को पीछे ले जाने का आरोप लगाते हुए नड्डा ने शु्कवार को कहा कि ‘तेल पिलावन, डंडा भजावन’ लोगों ने पहले भी मौका मिलने पर कुछ नहीं किया और आगे भी कुछ नहीं करेंगे. महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘अराजक राजद, विध्वसंकारी भाकपा माले और कांग्रेस से विकास की अपेक्षा नहीं की जा सकती.’

सिवान में रैली को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि बिहार में 15 साल पहले शाम के बाद बाजार में निकलने की हिम्मत नहीं होती थी. उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन यहां अराजकता फैलाता था और लालू के राज में खुलेआम घूमता था और नीतीश कुमार के आने के बाद शहाबुद्दीन को पहले यहां की जेल में और फिर तिहाड़ जेल में भेजा गया.

राम मंदिर निर्माण सब चाहते थे, सिर्फ कांग्रेस अड़ंगा थी
नड्डा ने कहा कि राम मंदिर के मामले में एक पक्ष के वकील कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय में इस मामले को लटकाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा, ‘देश के सभी लोग चाहते थे कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बने. कांग्रेस ने इसे लटकाने, अटकाने और भटकाने का काम किया.’

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी दोबारा प्रधानमंत्री बने, तब इस मामले में प्रतिदिन सुनवाई हुई और रामजन्मभूमि के पक्ष में फैसला आया और अब वहां भव्य राममंदिर बन रहा है. नड्डा ने कहा कि पहले लोग नारे लगाते थे कि एक देश में दो विधान दो निशान नहीं चलेंगे, जब मोदी सरकार आई तब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया.

उन्होंने कहा कि आजकल महागठबंधन वाले लुभावने नारे लेकर आ रहे हैं कि वे नौकरी देंगे. लेकिन जनता के सामने प्रश्न है कि इन पर विश्वास किया जाए या नहीं? नड्डा ने कहा, ‘मैं कहता हूं कि किसी के कहे पर विश्वास मत करो, उसने भूतकाल में क्या काम किया है उसके आधार पर वोट करना चाहिए.’ लालू प्रसाद का नाम लिये बिना नड्डा ने कहा कि जिसने पहले ‘तेल पिलावन, डंडा भजावन’ किया हो, वह आगे भी डंडा ही भांजेगा.

(इनपुट- एजेंसी भाषा)