टी.एन. शेषन के निधन पर सोनिया गांधी समेत इन नेताओं ने जताया दुख

भारतीय चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए कठोर चुनावी नियम को सख्ती से लागू करने वाले शेषन का रविवार को चेन्नई (Chennai) स्थित उनके आवास पर निधन हो गया था.

टी.एन. शेषन के निधन पर सोनिया गांधी समेत इन नेताओं ने जताया दुख
दिवंगत मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एम. शेषन (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग को सशक्त करने में उनकी भूमिका को याद किया. सोनिया गांधी ने कहा, "कैबिनेट सचिव के पद तक पहुंचकर देश सेवा करने वाले अनुभवी सिविल सेवक शेषन भारतीय निर्वाचन आयोग को मजबूती देने और अब तक हुए कई चुनाव सुधारों के लिए मार्गदर्शन करने के कारण हमेशा याद किए जाएंगे."

वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने भी ट्विटर पर शेषन को याद करते हुए उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तौर पर निष्पक्ष, बहादुर और निडर बताया. उन्होंने ट्वीट किया, "आज के विपरीत, एक समय था जब हमारे चुनाव आयुक्त निष्पक्ष, बहादुर, सम्मानित और निडर होते थे. शेषन उनमें से एक थे. उनके निधन पर उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं."

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने शोक व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि लोकतंत्र के प्रति उनका महान योगदान हमेशा याद किया जाएगा. बनर्जी ने एक ट्वीट किया, "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के नायक टी.एन. शेषन जी के निधन की सूचना पाकर दुख हुआ." उन्होंने कहा, "लोकतंत्र के प्रति उनका महान योगदान हमेशा याद किया जाएगा. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं."

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन (MK Stalin) ने सोमवार को कहा कि दिवंगत मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एम. शेषन ने अपनी शक्तियों का उपयोग देश में चुनावी लोकतंत्र की चमक बढ़ाने के लिए किया. शेषन के निधन पर शोक प्रकट करते हुए स्टालिन ने यहां जारी एक बयान में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उन्होंने अपनी सभी शक्तियों का उपयोग देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए किया, जिससे देश में चुनावी लोकतंत्र की आभा प्रकाशवान रहे. स्टालिन ने कहा कि शेषन सख्त, ईमानदार और आदर्शवादिता के उदाहरण थे और उनका निधन ना सिर्फ देश के लिए बल्कि लोकतंत्र समर्थक सभी पार्टियों के लिए बड़ा नुकसान है.

एमएनएम पार्टी के संस्थापक कमल हासन (Kamal Hasan) ने भी ट्वीट कर अपना दुख व्यक्त किया, "टीएन शेषन को साहस और विश्वास के अवतार के रूप में याद किया जाएगा. उन्हीं के कारण आम आदमी के बीच चुनाव आयोग की सशक्त भूमिका की चर्चा होनी शुरू हुई."

भारतीय चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए कठोर चुनावी नियम को सख्ती से लागू करने वाले शेषन का रविवार को चेन्नई (Chennai) स्थित उनके आवास पर निधन हो गया था. पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. वे 86 वर्ष के थे. कैबिनेट सचिव तक बनने वाला भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी शेषन सेवानिवृत्त होने के बाद भारत के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे. उन्होंने इस पद पर 12 दिसंबर 1990 से 11 दिसंबर 1996 तक अपनी सेवाएं दी थीं.