जयपुर: अपराधियों पर पकड़ होगी और मजबूत, राज्य सरकार ने FSL को दिए 1 करोड़ रुपये

प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पुलिस और कोर्ट के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है. एफएस में वैज्ञानिक पद्धति, क्राइम से संबंधित फिजीकल प्रदर्शनों का वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण किया जाता है. 

जयपुर: अपराधियों पर पकड़ होगी और मजबूत, राज्य सरकार ने FSL को दिए 1 करोड़ रुपये
नए उपकरणों और संसाधनों से जांच का दायरा बढ़ेगा.

विष्णु शर्मा, जयपुर: प्रदेश में अब अपराध और अपराधियों पर पकड़ और मजबूत होगी. राज्य सरकार ने एफएसएल (State Forensic Science Laboratery) को एक करोड़ रुपये का बजट दिया, जिससे एफएसएल में नए उपकरण और संसाधन खरीदे जाएंगे. नए उपकरणों और संसाधनों से जांच का दायरा बढ़ेगा. 

प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पुलिस और कोर्ट के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है. एफएस में वैज्ञानिक पद्धति, क्राइम से संबंधित फिजीकल प्रदर्शनों का वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण किया जाता है. आईपीसी (Indian Police Service) और सीआरपीसी (Code of Criminal Procedure) की धारा 293 में क्राइम में अपराधियों की लिप्तता साबित करने के लिए एफएसएल (State Forensic Science Laboratery) की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण काम करती है. प्रदेश में एफएसएल  अपराध की प्रकृति क्या है, मोडस ऑपरेंडी क्या है, और अपराधी कौन हैं का पता लगाती है. ऐसे में इसको उपकरणों और संसाधनों से लैस करना जरूरी है. सरकार ने इसके लिए एक करोड़ रुपए मंजूर किए हैं.  

 इनको मिलेगी मजबूती
- जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा ईकाई में खरीदें के उपकरण
- एफएसएल के विष, सीरम, रसायन, बेलेस्टिक, भौतिक, बॉयो खंड के लिए खरीद 
- एफएसएल में ये खरीदे जाएंगे प्रमुख उपकरण और संसाधन 
- बेलेस्टिक डिविजन जयपुर में बुलेट प्रूफ हेलमेट, इयर मफ्स
- एफएसएल जयपुर में पोर्टेब्ल कम्प्यूटराइज्ड मैग्निफायर विध स्पैक्ट्रल लाइट सोर्स
- एफएसएल अजमेर में डेन्सिटी मीटर, अल्ट्रॉ वॉयलेट कैबिनेट
- एफएसएल जोधपुर में इलेक्ट्रास्टैटिक इमेजिन सिस्टम फॉर डिटेक्टिंग इंडेंट राइटिंग
- एफएसएल उदयपुर में फ्यूमिंग हूड, मफली फर्नेंस 
- एफएसएल कोटा में पोलाराइजिंग माइक्रोस्कोप
- एफएसएल बीकानेर में कम्पाउंड अपराइट माइक्रोस्कोप, डिजिटल इलेक्ट्रिक बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा

कागज के नीचे इम्प्रेशन को ढूंढ़ निकालेंगे
एफएसएल (State Forensic Science Laboratery) में नए उपकरण शामिल होने के बाद जांच में गुणवत्ता और कार्य में तेजी आएगी. अब वस्त्र या अन्य जगहों पर छुपे निशानों के साथ ही कागज पर लिखने के बाद नीचे वाले कागज पर लिखाई को भी पढ़ा जा सकेगा. इसके लिए इलेक्ट्रोस्टैटिक इमेजिन सिस्टम फॉर डिटेक्टिंग इंडेंट राइटिंग का सहारा लिया जाएगा. कई बार अपराधी लिखे हुए कागज को फाड़कर ले जाता है, लेकिन उसके नीचे वाले कागज पर इम्प्रेशन आ जाती है जो सामान्य आंखों से नहीं दिखाई देती, लेकिन अब इसे भी खोजा जा सकेगा. ऐसे में अपराधियों तक पहुंच आसान हो जाएगी. वहीं इलेक्ट्रॉनिक तराजू से हल्की से हल्की वस्तु का वजन लिया जा सकेगा. 

इनमें जरूरी है एफएसएल जांच
- एफएसएल (State Forensic Science Laboratery) रिपोर्ट आईपीसी, सीआर पीसी, POCSO एक्ट, आर्म्स एक्ट,  आईटी एक्ट, महिला अधिनियम, सरकारी अधिकार अधिनियम, कॉपी राइट एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, एक्साइज एक्ट, एंटी करप्शन एक्ट, एक्सप्लोसिव एक्ट, आरपीजीओ एक्ट, काउ कंजरवेशन एक्ट आदि में उपयोगी होती है. 

- राजस्थान की अदालतें, CBI, प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व सूचना, एसीबी, नार्कोटिक ब्यूरो, उत्पाद शुल्क, रेलवे, कस्टम, आयकर, सेना, वन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के मामलों की भी जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाती है.