राजस्थान में दिहाड़ी मजदूरों के लिए तैयार 10 हजार ड्राई फूड किट्स, ये चीजें होंगी शामिल

राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्य में कोई भी व्यक्ति भूखमरी का शिकार न हो.

राजस्थान में दिहाड़ी मजदूरों के लिए तैयार 10 हजार ड्राई फूड किट्स, ये चीजें होंगी शामिल
केवल अच्छी गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री ही स्वीकार की जानी चाहिए.

जयपुर: कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को ब्रेक करने के लिए 21 दिन तक लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से 10 हजार ड्राई फूड पैकेट तैयार करवाए गए हैं.

ग्राम सेवक से लेकर पटवारी किट तैयार करने में जुटे हुए हैं, जिसमें आटा, चावल, दाल खाद्य तेल, साबुन, हल्दी, मिर्ची, नमक दिया जा रहा है. जरूरतमंदों की सूची पटवारी, ग्राम सेवकों के माध्यम से तैयार करवाई जा रही है. यह जरूरतमंद वह लोग हैं जो कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं लेते हैं लेकिन रोजाना दिहाड़ी मजदूरी कर अपना पेट पालते हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जिला कलेक्टर को सख्त आदेश है कि कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए. 

लॉकडाउन में किसी में जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. राजस्थान में कोरोना और लॉकडाउन के दौरान कमजोर तबके, निराश्रित जरूरतमंद व्यक्तियों को निशुल्क ड्राई राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. कमजोर तबके, निराश्रित जरूरतमंद व्यक्तियों को 5 किग्रा आटा, 1/2 लीटर खाद्य तेल, 1/2 किग्रा नमक, 1 किग्रा दाल ओर 1 किग्रा चावल, हल्दी, मिर्ची, साबुन की खाद्य सामग्री (ड्राई राशन) निःशुल्क देने की तैयारी कर ली गई है. यह सामग्री 10 दिन के लिए है. 

यदि कोई लाभार्थी ड्राई राशन सामग्री में से 5 किग्रा आटा नहीं लेना चाहता है तो उसे 5 किग्रा चावल उपलब्ध कराया जाएगा. ड्राई राशन सामग्री का वितरण तहसील कार्यालय, नगरीय निकाय कार्यालय या संबंधित जिला कलेक्टर जहां उपयुक्त जगह समझे, वहां पर करवाया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं. जिले के पुलिस थाने राशन वितरण केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे. कलेक्टर की ओर से पटवारी और ग्राम सेवक के स्तर पर भी ड्राई राशन रखने की व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी जरूरतमंद को यहां से भी राशन दिया जा सके.

लाभार्थी ड्राई राशन सामग्री प्राप्त करने के लिए अपना कैरी बैग, बोतल और बर्तन साथ ला सकेंगे. ड्राई राशन सामग्री का वितरण का इंद्राज अधिकारी द्वारा रजिस्टर में संधारित किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी का नाम, पता और मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा. जरूरतमंद लोगों को वितरण होने वाली खाद्य सामग्री को दान दाताओं के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा, जिसके लिए दानदाता कलेक्टर, डीएसओ, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, निकायों से कार्यालय में संपर्क कर खाद्य सामग्री दान दे सकते हैं. 

केवल अच्छी गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री ही स्वीकार की जानी चाहिए. यदि दानदाता नकद में या चेक से भुगतान करना चाहते हैं तो भी दे सकते हैं. ड्राई राशन के वितरण के समय कोविड 19 (कोरोना वायरस) के प्रकोप के दौरान रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों की और उपायों की पालना किया जाना सुनिश्चित करें. उन्होंने बताया कि राशन सामग्री के वितरण के समय भीड़ और अव्यवस्था किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि लाभार्थियों के बीच कम से कम 1 मीटर की दूरी रखकर ही राशन सामग्री का वितरण किया जाए. उन्होंने बताया कि ड्राई राशन सामग्री के वितरण की व्यवस्था के लिए संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा राजस्व अर्जित करने वाले और आवश्यक सेवाओं वाले विभागों को छोड़कर अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं भी ले सकेंगे.

राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्य में कोई भी व्यक्ति भूखमरी का शिकार न हो. जिला कलेक्टर खाद्य सामग्री, फंड जुटाने के लिए विभिन्न संगठनों, स्वैच्छिक संगठनों, उद्योग, एनजीओ, उद्योग संघों, व्यापार संघों से इस तरह के योगदान के लिए संपर्क में रहेंगे.