कोटा में सैंपलिंग का तरीका बदलते ही बढ़े कोरोना के मामले, 5 दिन में आए 112 केस

चिकित्सा विभाग के रैंडम सेम्पलिंग में मरीज के पकड़ में नहीं आने पर, सीएचसी व पीएचसी पर टारगेट सैंपलिंग का नया प्रयोग अपनाया है. विभाग ने 15 टीमों में से 5 टीम को टारगेट सैंपलिंग ने लगा दिया है.

कोटा में सैंपलिंग का तरीका बदलते ही बढ़े कोरोना के मामले, 5 दिन में आए 112 केस
बीते पांच दिन में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.

मुकेश सोनी/कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में अनलॉक-2 (Unlock-2) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की रफ्तार बढ़ गई. ये वायरस तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है. चिकित्सा विभाग के सैंपलिंग का तरीका बदलते ही कोरोना के मरीजों की तादात भी बढ़ गई है.

विभाग का रेंडम सैंपलिंग के साथ अब टारगेट सैंपलिंग पर जोर दिया जा रहा है. विभाग ज्यादातर हाई रिस्क ग्रुप को टारगेट करके सैंपल ले रहा है. इसके तहत डिस्पेंसरी स्तर पर सैंपल कलेक्शन बूथ बनाए गए हैं. विभाग द्वारा नवाचार करने के परिणाम भी सामने आने लगे हैं. अब बढ़ी संख्या में पॉजिटिव केस ट्रेस होने लगे है.

बीते पांच दिन में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. 5 दिन में 112 मरीज कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं. यदि जुलाई के 17 दिन की बात करें तो, इस वायरस ने 246 लोगों को संक्रमित किया है, जबकि सात लोग मौत का शिकार हुए हैं.

वहीं, चिकित्सा विभाग के रैंडम सैम्पलिंग में मरीज के पकड़ में नहीं आने पर, सीएचसी व पीएचसी पर टारगेट सैंपलिंग का नया प्रयोग अपनाया है. विभाग ने 15 टीमों में से 5 टीम को टारगेट सैंपलिंग ने लगा दिया है. इसमें विभाग को सफलता भी मिली है. इससे सैंपलिंग की संख्या भी बढ़ गई है.

पहले जहां 900 से 1000 सैंपलिंग होती थी. वहीं, अब 1300 से 1500 तक रोजाना सैंपलिंग हो रही है. सैंपलिंग बढ़ते ही कोरोनाको मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है. सीएचसी व पीएचसी पर बीते दो दिन में दो दर्जन कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं.

टारगेट सैम्पलिंग में हाई रिस्क ग्रुप पर विशेष जोर दिया जा रहा है. 10 साल से कम व 50 साल की अधिक उम्र के लोगों की सेम्पलिंग की जा रही है. इधर, 30 जून तक कोटा में 669 केस रिपोर्ट हुए थे, जो 17 जुलाई सुबह तक बढ़कर 915 तक पहुंच गए हैं. इससे खाली हुआ कोविड अस्पताल मरीजों से खचाखच भर गया है. लगातार आ रहे कोरोना मरीजों के चलते जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गया है.

अस्पताल में मरीजों की संख्या नहीं बढ़े, इसके लिए अब घर पर ही मरीज को होम क्वारंटाइ की सुविधा प्रदान की जा रही है. कोविड अस्पताल में फिलहाल 100 के करीब एक्टिव केस हैं. इधर, सीएमएचमओ डॉ. बीएस तंवर का कहना है कि,शहर में समुदाय में रेंडम सेम्पलिंग की जा रही थी, लेकिन मरीज पकड़ में कम आ रहे थे. इस कारण सैंपलिंग के कार्य में परिवर्तन किया गया है. अब सीएचसी व पीएचसी पर टारगेट सैंपलिंग शुरू की है. इस पर जोर दिया जा रहा है. इसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं.