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राजस्थान: भारी बारिश के चलते हुए हादसों में 12 की मौत, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

राजस्थान में लगातार तीसरे दिन भी भारी बारिश का दौर जारी रहा. राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ. वहीं, कई जगह बारिश कहर बनकर बरसी.

राजस्थान: भारी बारिश के चलते हुए हादसों में 12 की मौत, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मॉनसून की पहली बारिश में राजधानी जयपुर का दम निकल गया. तमाम इलाकों में जलभराव से हालात बेकाबू हो गए. (फोटो साभार:IANS)

जयपुर: राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी भाग में बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा. बीते तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से राज्य की कई नदियों में पानी आ गया और अनेक तालाब लबालब हो गए हैं. इस बीच राज्य में बीते दो दिन में वर्षा जनित हादसों में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. बारिश के पानी से घरों से लेकर स्कूलों, अस्पतालों, पुलिस थानों सहित दुकानों में पानी भर चुका है. बिजली आपूर्ति ठप हो चुकी है. जिसके कारण लोगों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है. दूध की आपूर्ति भी बंद हो गई. कई कॉलानियां जलमग्न होने के कारण करीब 75 प्रतिशत दुकानें नहीं खुलीं. वहीं, इस बारिश से पार्वती, कोठारी और बनास जैसी नदियों में पानी आ गया है. 

राजस्थान में लगातार तीसरे दिन भी भारी बारिश का दौर जारी रहा. राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ. वहीं, कई जगह बारिश कहर बनकर बरसी. बारिश से कई बांध, तालाब और एनिकेट के टूटने का सिलसिला शुरु हो गया. जयपुर चाकसू के भोज्याडा गांव में बांध और तालाब टूटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्र से कट गया. गांव के रास्ते चारों ओर से बंद हो गए. पानी के खेतों में घुसने से सारी फसलें खराब हो गईं. हालात बिगड़ते देख जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव और एडीएम धारा सिंह मीणा मौके पर चाकसू पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

इस दौरान उन्होंने गोलीराव तालाब, रावतावाला बांध सहित अन्य स्थानों का जायजा लिया. बांध टूटने से स्कूल, आंगनवाड़ी सहित कई घरों में पानी घुस गया. वहीं, जयपुर के बस्सी उपखंड क्षेत्र में हुई बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए. बारिश के तेज बहाव के कारण कई एनीकट और तालाब टूट गए हैं. जबकि अनाज मंडी में भी पानी भर गया. बारिश से मंडी की दीवार टूट गई. बस्सी का जयपुर से करीब 10 घंटे तक संपर्क कटा रहा. वहीं, 24 घंटे से बिजली बंद है. बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण जलापूर्ति भी नहीं हुई. बारिश के पानी के तेज बहाव के कारण कई जगहों पर विद्युत पोल टूट गए तो कहीं पर पोल टेढ़े हो गए. 

आपदा प्रबंधन सचिव आशुतोष पेडनेकर ने बताया कि राज्य में बारिश से हादसों में मरने वालों की संख्या बढकर 12 हो गई है. उन्होंने बताया कि सीकर में पांच, जयपुर में तीन, भीलवाड़ा में एक और झुंझुनू में 3 लोगों की मौत हुई है. शनिवार को सबसे अधिक बारिश जयपुर शहर और इसके पास चाकसू में दर्ज की गई. मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का यह दौर अभी जारी रहेगा और अगले चौबीस घंटे में भी राज्य के अनेक भागों में भारी या बहुत भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों में प्रदेश के 28 जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है. 

इसमें तीन जिलों में तो अतिवृष्टि होने को लेकर अलर्ट किया है. मौसम विभाग की चेतावनी को माने तो पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बारां बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनूं, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, टोंक, उदयपुर, सिरोही, सवाईमाधोपुर और सीकर में भारी बारिश, पश्चिमी राजस्थान के चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर और बीकानेर में भारी बारिश हो सकती है. वहीं बारां, झुंझुनूं और सीकर में अत्यधिक भारी बारिश होने के संकेत दिए है.

मॉनसून की पहली बारिश में राजधानी जयपुर का दम निकल गया. तमाम इलाकों में जलभराव से हालात बेकाबू हो गए. राजधानी में जगह-जगह पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार भी थम गई, जिसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा. बारिश की वजह से कैब कंपनियों ने किराए में इजाफा कर दिया है. कई वर्षों से टूटी सड़कें और बंद पड़ी नालियां मुश्किल का सबब बनी हुई है. यहां बंद नालियों के कारण कुछ मिनट की बरसात से ही सड़क पानी से भर जाती हैं और अगर कुछ घंटे की बरसात हो जाए, तो लोगों की दुकानों और घरों में पानी भर जाता है.