कोटा: चंबल नदी में हुए हादसे में रेस्क्यू किया गया 13 शव, गांव में छाया मातम

चंबल नदी से सभी लापता तेरह लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है. अब आसपास के गांवों में मातम छाया है.

कोटा: चंबल नदी में हुए हादसे में रेस्क्यू किया गया 13 शव, गांव में छाया मातम
रेस्क्यू करके 13 शव को निकाल लिया गया है.

कोटा: कोटा की चंबल नदी में हुए हादसे ने 13 जिंदगियां लील ली. चंबल नदी से सभी लापता तेरह लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है. अब आसपास के गांवों में मातम छाया है, घरों में रोने की चीत्कार है. लेकिन बड़ा सवाल हादसे ने छोड़ा है कि इन अवैध नावों पर पहले ही एक्शन लिया गया होता तो शायद 13 लोगों की जान न जाती और ये दुखद हादसा न होता.

दरअसल, कोटा से करीब 120 किलोमीटर दूर चंबल नदी का तट गांव गोठडा बूंदी के कमलेश्वर महादेव जा रहे ग्रामीणों से भरी नाव पानी में डूब गई जिससे बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई. हालांकि, जो लोग तैरकर बाहर निकले वो खुशकिस्मत थे. लेकिन जो डूबे उनकी सांसें हमेशा-हमेशा के लिए गर्त के आगोश में जाकर थम गई.

हालांकि, अब रेस्क्यू करके 13 शव को निकाल लिया गया है. जानकारी के अनुसार, सभी चतुर्दशी के मौके पर भगवान शिव की आराधना के लिए जा रहे थे. लेकिन जो हादसा हुआ उसने ला दी बस तबाही और बस तबाही. कोटा में गुरुवार का दिन मातम से भरा रहा है. नाव हादसे में 13 लोगों की जान चली गई. नाव में ज्यादा लोग सवार हो गए और नाव असन्तुलित होकर नदी में डूब गई, जिसने भी ये नजारा देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए.

हादसे के बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया और इसके बाद लोगों को रेस्क्यू करने का काम शुरू हुआ. एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को रेस्क्यू किया गया. इस हादसे में 45 से 50 लोग नांव में सवार बताए गए थे. ग्रामीणों की मदद से सभी को सकुशल बाहर निकाला गया लेकिन 13 लोगों लापता हो गए थे.

गुरुवार से जारी रेस्क्यू में तकरीबन 10 बजे तक चला. इसके बाद 13 लोगों के शवों को बाहर निकाल लिया गया, जिनका मौके पर ही पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा. इस हादसे के बाद ग्राम सेवक और पटवारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को एपीओ कर दिया गया है. वहीं, खातोली थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है. इस हादसे को तकरीबन 24 घंटे बीत चुके हैं और पूरे इलाके में इस हादसे के बाद मातम छा गया है.