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राजस्थान के कई जिलों में धारा 144 लागू, कोटा में कोचिंग क्लासेज रहेंगे बंद

राम जन्मभूमि विवाद पर शुक्रवार को फैसला आने से पहले प्रशासनिक चौकसी बरतते हुए कई जिलों में धारा 144 लागू है.

राजस्थान के कई जिलों में धारा 144 लागू, कोटा में कोचिंग क्लासेज रहेंगे बंद
भीलवाड़ा में मध्य रात्रि से एतिहातन धारा 144 लागू है.

जयपुर: अयोध्या भूमि विवाद पर सबसे बड़ा फैसले में अब बहुत ज्यादा वक्त नहीं बचा है. इस फैसले से पहले ज़ी मीडिया ने पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द(Communal Harmony) को बढ़ाने की अपील की है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) ने भी पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को बरकरार रखने और फैसले को स्वीकार करने की अपील की है. 

राजस्थान(Rajasthan) में भी फैसला आने के पहले प्रदेश में शांति वयवस्था बरकरार रखने के लिए अपील की गई है. राजस्थान में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चौकस रहने का निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया(Satish Poonia) ने भी बीजेपी कार्यकर्ताओं को किसी भी बयानबाजी से दूर रहने का फरमान सुनाया था. 

प्रदेश में जारी है अलर्ट
प्रदेश में अयोध्या मामले पर फैसला आने से पहले अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में सभी अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश जारी किया है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर राजस्थान पुलिस की पैनी नजर है. किसी भी तरह की पोस्ट पर पुलिस लगातार नजर रखी हुई है. जिससे सांप्रदायिक तनाव फैलने का खतरा हो.

इन जिलों में 144 लागू
भीलवाड़ा में आज मध्य रात्रि से ही धारा 144 लागू है. वहीं, जयपुर से मिल रही खबर के अनुसार, महानगर क्षेत्र को छोड़कर पूरे जयपुर जिले में धारा 144 लागू है. कोटा में फैसले के मद्देनजर कल से धारा 144 लागू होने की खबर होने की खबर आ रही है. कोचिंग्स के लिए जिला कलेक्टर ने आदेश जारी किए है. कोटा में सांध्याकालीन क्लासेज के लिए जारी आदेश के अनुसार, दो दिनों का अवकाश देने का निर्देश मिला है. भीलवाड़ा में मध्य रात्रि से एतिहातन धारा 144 लागू है. जोधपुर से मिल रही खबर के अनुसार, डीसीपी(पूर्व) धर्मेंद्र सिंह अन्य पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं.

कुछ घंटों में फैसला होगा सामने
अब महज चंद घंटों का इंतजार है. फिर सुप्रीम फैसला आपके सामने होगा. लेकिन एक बार फिर ज़ी मीडिया की तरफ से हम अपील कर रहे हैं कि आप सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखें और ऐसा करने में दूसरों की मदद भी करें. अयोध्या भी इस वक्त फैसले से पहले पूरे देश से यही अपील कर रहा है.

जानिए अयोध्या का हाल
वहीं, यूपी के अयोध्या के मिल रही खबर के अनुसार, फैसले से ठीक पहले यहां सब कुछ सामान्य है. 14 कोसी परिक्रमा में यहां 25 लाख लोगों से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया है. इसके अलावा दो हफ्ते से ज्यादा वक्त से हर दिन 8 से 10 हजार लोगों ने श्री रामजन्मभूमि के दर्शन किए. ये संख्या एक दिन में 20 हजार से ऊपर तक भी पहुंची. लोगों की तादाद बढ़ती गई. लेकिन इस दौरान हर तरफ शांति का माहौल बना हुआ था. 

राम का नाम शांति का गारंटी
बीजेपी नेता विमल कटियार का कहना है कि अयोध्या में राम का नाम शांति की गारंटी है. हर पक्ष के लोग सबसे शांति की अपील कर रहे हैं. न्यायपालिका में पूरा भरोसा जता रहे हैं. कटियार का कहना है कि फैसला जो भी आए उसके सम्मान की भावना जाहिर कर रहे हैं. 

1949 से चल रहा मालिकाना हक विवाद
आपको बता दें कि अयोध्या में विवादित जमीन पर मालिकाना हक़ का मामला 1949 से ही चला आ रहा रहा है. पिछले 70 साल में इस मामले में अनगिनत मोड़ आए. अब फैसला  का हर जगह इंतजार हो रहा है. 

मसला सुलझाने का हुआ था प्रयास
वैसे 1960 में अयोध्या के स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर इस विवाद को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. वहीं, 1986 में देश के प्रमुख शंकराचार्यों ने अयोध्या विवाद पर सभी पक्षों से बातचीत की शुरूआत की, कई अहम समझौतों तक वे पहुंच भी गए लेकिन अंत में कुछ पक्षकारों के चलते यह समझौता नहीं हो पाया. 1990 में पहली बार तब की चंद्रशेखर सरकार ने बातचीत से विवाद सुलझाने को लेकर बड़ी पहल की थी. उस वक्त विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच कई दौर की बात हुई. लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन पाई. इसके बाद भी अनेक बार राजनीतिक स्तर पर इस मामले को सुलझाने का प्रयास असफल साबित हुआ.