वंदे भारत अभियान के तहत जयपुर पहुंचे 149 प्रवासी राजस्थानी, किया गया क्वॉरेंटाइन

राज्य सरकार ने तीन श्रेणियों स्टैंडर्ड मीडियम और हाई श्रेणी के होटल क्वॉरेंटाइन के लिए चिन्हित किए हैं. 

वंदे भारत अभियान के तहत जयपुर पहुंचे 149 प्रवासी राजस्थानी, किया गया क्वॉरेंटाइन
यात्रियों की सूची और उनका लगेज भी पुलिस को दिया गया.

दामोदर प्रसाद, जयपुर: केंद्र सरकार के वंदे भारत अभियान के तहत विदेशों में फंसे प्रवासी राजस्थानियों का जयपुर पहुंचना शुरू हो गया है. आज लंदन से दिल्ली फ्लाइट जयपुर पहुंची. करीब 149 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचे हैं. सभी प्रवासी राजस्थानियों को 3 होटलों में क्वॉरेंटाइन किया गया. 

22 मई से 1 जून तक कुल 14 फ्लाइट्स जयपुर आएंगी, जिनमें करीब 2000 प्रवासी राजस्थानी लौटेंगे. ब्रिटेन, कनाडा, रूस, कजाकिस्तान, फिलिपिंस, कर्गिस्तान, जॉर्जिया जैसे देशों से प्रवासी राजस्थानी जयपुर आएंगे.

फ्लाइट से जयपुर पहुंचे यात्रियों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. इसके बाद थर्मल स्क्रीनिंग की गई. सभी यात्रियों को 20-20 के ग्रुप में रखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग और अन्य जांच की गई. इससे पहले करीब 1 बजे लंदन से आ रहे प्रवासी राजस्थानी को होटल पहुंचाने के लिए बसें जयपुर पहुंची. इसके साथ पुलिस प्रशासन, मेडिकल विभाग की टीमें भी एयरपोर्ट पहुंची. सुरक्षा के लिए हर बस में पुलिस का जवान भी तैनात किया. 

लंदन से जयपुर आने वाली यात्रियों को एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के बाद होटल में क्वॉरेंटाइन के लिए ले जाया गया. उन्हें क्वॉरेंटाइन रखने के लिए कई विभागों की टीमें बनाई गई. जिला प्रशासन के अधिकारी इन की मॉनिटरिंग करेंगे. क्वॉरेंटाइन सेंटर में 14 दिन की अवधि पूरा करने के बाद भी यात्री को घर पर 14 दिन के अतिरिक्त सेल्फ ऑब्जर्वेशन में रहना होगा. एयरपोर्ट निदेशक जयदीप सिंह बल्हारा ने बताया कि नियमित रूप से फ्लाइट शुरू होने से पहले बंदे भारत मिशन की फ्लाइट हमारे लिए चैलेंज की तरह है, जिन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने का टास्क रखा गया. इसमें हमें राज्य सरकार की सभी एजेंसियों का पूरा सहयोग मिलेगा.

एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों के आरोग्य सेतु और राज कोविड इंफो ऐप डाउनलोड करने होंगे, जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण नहीं होंगे. उनका इमीग्रेशन क्लीयरेंस कराया जाएगा. यात्रियों के पासपोर्ट सीआईएसएफ के एक अधिकारी के पास रहेंगे. इमीग्रेशन क्लीयरेंस के बाद यात्रियों को लगेज कलेक्शन के लिए ले जाया. इसके बाद यात्रियों को कस्टम क्लीयरेंस लेना होगा. कस्टम क्लीयरेंस होने के बाद सीआईएसएफ के अधिकारी यात्रियों को उनके ग्रुप में पुलिस को सौंपा. यात्रियों की सूची और उनका लगेज भी पुलिस को दिया गया. यात्रियों क्वॉरेंटाइन सेंटर यानी होटल चुनने के लिए कहा गया.

राज्य सरकार ने तीन श्रेणियों स्टैंडर्ड मीडियम और हाई श्रेणी के होटल क्वॉरेंटाइन के लिए चिन्हित किए हैं. इनमें मैरियट, हिल्टन, बेला कासा, फर्न, नीरजा इन जैसे प्रमुख होटल शामिल किए गए हैं. यात्रियों को होटल्स में 14 दिन रहना होगा, जिनका किराया भी उन्हीं को ही चुकाना होगा. अंतिम दिन कोरोना टेस्ट कराया जाएगा, जिसका भुगतान भी यात्री करेंगे. कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही यात्री घर लौट सकेंगे. यात्रियों के परिजनों ने 14 दिन के क्वॉरेंटाइन होटल की बजाय होम क्वॉरेंटाइन की मांग की. सरकार को सभी यात्रियों को जयपुर में होटल में क्वॉरेंटाइन करने का विरोध जताया है. और सरकार से मांग की है कि इन सभी यात्रियों को घर भेजकर क्वॉरेंटाइन की सुविधा भी मिल सकती है.