सिरोही में 158 साल पुराना रेलवे स्कूल बंद होने के आदेश, छात्रों के सामने खड़ी हुई समस्या

मंडल रेल प्रबंधक स्थापना अजमेर हेमंत सुलानिया ने आदेश जारी कर बताया कि 30 जुलाई 2020 को रेलवे के उच्च प्रशासन ने इस स्कूल को बंद करने का निर्णय लिया है.

सिरोही में 158 साल पुराना रेलवे स्कूल बंद होने के आदेश, छात्रों के सामने खड़ी हुई समस्या
प्रदेश में केवल तीन ही रेलवे द्वारा स्कूल संचालित हो रहे हैं.
Play

साकेत गोयल/सिरोही: सिरोही जिले के आबूरोड में अब छात्रों के अध्ययन के लिए संकट मंडरा रहा है. आबूरोड में पिछले 158 वर्षों से संचालित रेलवे स्कूल को अब बंद करने के आदेश होने के बाद स्थानीय छात्रों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लग रही है.

बता दें कि, शहर के सबसे पुराने स्कूल रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बंद करने के आदेश हो चुके हैं. स्कूल में स्टूडेंट को 15 दिन के अंदर टीसी (TC) देकर स्कूल को बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं. स्कूल को बंद होने पर स्थानीय छात्रों को अध्ययन के लिए संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, मंडल रेल प्रबंधक स्थापना अजमेर हेमंत सुलानिया ने आदेश जारी कर बताया कि 30 जुलाई 2020 को रेलवे के उच्च प्रशासन ने इस स्कूल को बंद करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही आदेश दिए गए कि आगामी 15 दिनों में स्कूल को बंद कर यहां पढ़ने वाले सभी स्टूडेंट को टीसी देनी होगी.

इसके लिए सीबीएसई (CBSE) शिक्षा निदेशक, मान्यता सीबीएसई दिल्ली क्षेत्रीय अधिकारी व सीबीएसई अजमेर जिला शिक्षा अधिकारी को रेलवे की ओर से इस स्कूल को बंद करने के लिए जानकारी भेज दी गई है. गौरतलब है कि प्रदेश में केवल तीन ही रेलवे द्वारा स्कूल संचालित हो रहे हैं. उसमें भी अब आबूरोड का स्कूल बंद होने पर छात्रों को अध्ययन के लिए मुश्किल हो सकती है.

जानकारी के मुताबिक, आबूरोड में साल अट्ठारह सौ बासठ में रेलवे स्कूल स्थापित किया गया था. इस दौरान रेलवे कर्मचारियों के बच्चे को ही पढ़ाई करने की सुविधा मिलती थी. लेकिन बाद में समय रहते बदलाव होता गया और वर्तमान में 242 छात्र अध्ययन कर रहे थे, तो रेलवे कर्मचारी के केवल 19 बच्चे स्कूल में थे.  इसके अलावा प्रधानाध्यापक व 17 स्टाफ मौजूद था.

इसके चलते रेलवे प्रशासन ने यह फैसला लेते हुए बंद करने के आदेश जारी कर दिए. वहीं, विगत 2015 से रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल सीबीएसई की मान्यता प्राप्त हो गई थी और स्कूल में पढ़ाई की सुविधा मिल गई थी. इसके बाद छोटे बच्चों के लिए अलग से सुविधा मुहैया कराई गई.

रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल बंद होने के बाद छात्रों को अध्ययन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, स्कूल के बंद होने के आदेश के बाद छात्र संगठनों ने भी स्कूल को बंद करने का निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा स्कूल को चालू रखने के लिए राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गए.