राजस्थान: चीफ इंजीनियर की खाली कुर्सी का इंतजार जल्द खत्म होगा, दो इंजीनियर्स के होंगे प्रमोशन

चीफ इंजीनियर की पोस्टिंग होने से पेयजल प्रोजेक्ट में तेजी आएगी, जिससे ठेकेदारों के साथ साथ आम जनता को भी बड़ी राहत मिलेगी. ठेकेदारों को इसलिए राहत मिलेगी क्योकि चार महीने से उनका पैसा अटका हुआ है.

राजस्थान: चीफ इंजीनियर की खाली कुर्सी का इंतजार जल्द खत्म होगा, दो इंजीनियर्स के होंगे प्रमोशन
ठेकेदारों का कहना है कि चीफ इंजीनियर की पोस्टिंग के बाद हमें समय से पेमेंट मिल पाएगा.

जयपुर: जलदाय विभाग (Water Supply department) में चीफ इंजीनियर की कुर्सी का किस्सा जल्द ही खत्म होने जा रहा है. तीन महीने से इस पद के लिए खाली कुर्सी ब्रेसबी से इतंजार कर रही है लेकिन अब जल्द ही सरकार चीफ इंजीनियर की कुर्सी भरने जा रही है. 

जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने चीफ इंजीनियर की फाइल को सीएमओ भेज दी है. जल्द ही मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद में चीफ इंजीनियर की नियुक्ति की जाएगी.जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने राकेश लुहाड़िया और महेश गुप्ता को चीफ इंजीनियर लगाने के लिए फाइल सीएमओ को भेज दी है. दो इंजीनियर दो महीने पहले ही चीफ इंजीनियर बन गए थे लेकिन पैनल पर विवाद के चलते मामला पूरी तरह से उलझा हुआ था.

आम जनता को मिलेगी राहत
ऐसे में चीफ इंजीनियर की पोस्टिंग होने से पेयजल प्रोजेक्ट में तेजी आएगी, जिससे ठेकेदारों के साथ साथ आम जनता को भी बड़ी राहत मिलेगी. ठेकेदारों को इसलिए राहत मिलेगी क्योकि चार महीने से उनका पैसा अटका हुआ है. बिना चीफ इंजीनियर की स्वीकृति के बाद ठेकेदारों का पैमेंट होता नहीं. दूसरा आम जनता से जुडे 40 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग हो सकेगी.

जलदाय मंत्री ने पैनल में शामिल एडिशनल चीफ इंजीनियर सुधीर मिश्रा और देवराज सोलंकी की फाइल को फिलहाल रोक लिया है. पैनल पर मुख्य सचिव ने स्टे कर रखा है और कुछ एडिशनल चीफ इंजीनियर पैनल के विरोध में हाईकोर्ट भी जा चुके है. संभवतया महेश गुप्ता को चीफ इंजीनियर हैडक्वार्टर और राकेश लुहाडिय़ा को चीफ इंजीनियर प्रशासन लगाया जा रहा है. ठेकेदारों का कहना है कि चीफ इंजीनियर की पोस्टिंग के बाद हमें समय से पेमेंट मिल पाएगा.

प्रदेश में अच्छे मानसून के बावजूद जलदाय विभाग ने आगामी गर्मियों को लेकर अभी तक प्लानिंग शुरु नहीं है. जबकि नवंबर से दिसंबर तक नए स्कीम, प्रोजेक्ट व मेंटेनेंस के प्रस्तावों को मंजूरी देकर टेंडर प्रक्रिया शुरु हो जाती है ताकि मेंटेनेंस और पाइपलाइन का काम अप्रैल तक पूरा हो जाए. जलदाय विभाग में चीफ इंजीनियर (नागौर प्रोजेक्ट), चीफ इंजीनियर (अरबन—हैडक्वार्टर), चीफ इंजीनियर (टेक्निकल) और चीफ इंजीनियर (प्रशासन) के पद खाली है. वहीं स्पेशल प्रोजेक्ट और जोधपुर प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर का काम अतिरिक्त चार्ज से चलाया जा रहा है. ऐसे में अब उम्मीद यही है कि जल्द ही चीफ इंजीनियर की पोस्टिंग हो सकेगी, जिससे पेयजल प्रोजेक्ट में गति आ सकेगी.