दौसा: 30 फीट पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से 2 बच्चों की मौत, ग्रामीण आक्रोशित

दोनों बच्चे पशु चराने आए थे. उसी दौरान हादसे का शिकार हो गए. 

दौसा: 30 फीट पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से 2 बच्चों की मौत, ग्रामीण आक्रोशित
दोनों बच्चे पशु चराने आए थे. उसी दौरान हादसे का शिकार हो गए.

लक्ष्मी अवतार शर्मा, दौसा: जिले के सदर थाना क्षेत्र के गांगल्यावास गांव के समीप पानी से भरे करीब 30 फीट से भी अधिक गहरे गड्ढे में डूबने से शुक्रवार को दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई. एक बच्चे के शव को निकाल लिया गया तो वहीं दूसरे बच्चे के शव को करीब तीन घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया.  

ग्रामीणों की मानें तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे निर्माण के लिए मिट्टी खोदने से इतने गहरे गड्ढे हो गए, जिनमें बारिश का पानी भर गया. दोनों बच्चे पशु चराने आए थे. उसी दौरान हादसे का शिकार हो गए. 

खास बात यह है हाईवे निर्माण कंपनी द्वारा इलाके में ऐसे दर्जनों गड्ढे खोद दिए गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध तरीके से मिट्टी की खुदाई हुई है. नियमों के तहत इतने गहरे गड्ढे नहीं खोदे जा सकते. इतने गहरे गड्ढे खोदने में जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता. 

घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है, वहीं, दो मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन है? दोनों बच्चों के शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाये गए.  

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक दोनों बच्चों के परिजनों को बीस-बीस लाख रुपये मुआवजे की मांग की. साथ ही कहा कि जब तक मुआवजे का ठोस भरोसा नहीं मिलता, तब तक पोस्टमार्टम की कार्यवाही नहीं होगी.

बता दें कि दौसा जिले में होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे गुजर रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है. निर्माण कार्य के लिए खातेदारी जमीन और सरकारी जमीनों से मिट्टी की खुदाई की जा रही है लेकिन नियमों के तहत नहीं होकर जगह-जगह गहरी खाइयां कर दी गई हैं, जिनमें बारिश का पानी भर रहा है.