Gehlot Government के 2 साल, परिवहन विभाग में लागू हो रहे IT के नवाचार

 राज्य सरकार (Rajasthan Government Anniversary) के 2 साल पूरे हो चुके हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के मैन्डेट को परिवहन विभाग में भी बखूबी लागू किया जा रहा है. 

Gehlot Government के 2 साल, परिवहन विभाग में लागू हो रहे IT के नवाचार
फाइल फोटो

जयपुर: राज्य सरकार (Rajasthan Government Anniversary) के 2 साल पूरे हो चुके हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के मैन्डेट को परिवहन विभाग में भी बखूबी लागू किया जा रहा है. आमजन से जुड़े कार्यों को ऑनलाइन करने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, परिवहन सेवाओं को सुगम बनाने में विभाग ने कई पहल की हैं. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) भी लगातार विभागीय अफसरों के कार्यों पर मॉनीटरिंग पर नजर रखते रहे हैं. पिछले 2 साल में परिवहन विभाग में क्या-क्या नवाचार हुए हैं.

परिवहन विभाग का राज्य सरकार (Congress In Rajasthan) के लिए मुख्य उद्देश्य राजस्व अर्जित करना होता है. परिवहन विभाग राज्य सरकार का तीसरा सबसे बड़ा महकमा है, जिसे राज्य सरकार द्वारा दिए गए राजस्व लक्ष्यों को पूरा करना होता है, लेकिन आमजन से जुड़ा होने से विभाग की जिम्मेदारी उनके कार्यों को सुगमता से और समय से पूरा करने की भी होती है. राजस्व के लिहाज से विभाग राज्य सरकार की उम्मीदों पर संतुष्टिजनक रहा है. 

वहीं, अब आमजन से जुड़ी सेवाओं का भी विभाग (Transport Department) द्वारा सरलीकरण किया जा रहा है. ड्राइविंग लाइसेंस की बात हो या वाहन पंजीयन की, ये सेवाएं ऑनलाइन की जा चुकी हैं. विभाग अब पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है. जल्द ही राज्य में इलेक्ट्रिकल व्हीकल पॉलिसी लाई जाएगी, जिसके जरिए वाहन खरीदारों, बेचने वालों, वाहन निर्माताओं और चार्जिंग स्टेशन लगाने वाले सभी लोगों को रियायत व सब्सिडी दी जाएंगी. विभाग ने पिछले 2 साल में महिलाओं की सुरक्षा, ओवरलोडिंग और ओवरक्राउडिंग रोकने, चालान सिस्टम को ऑनलाइन करने पर जोर दिया है. वहीं, कोरोना काल में बस संचालकों के टैक्स माफ कर भी परिवहन विभाग ने बड़ी मिसाल पेश की है.

परिवहन विभाग ने पिछले 2 साल में क्या किया-

- कोरोना काल में करीब 31 करोड़ की राशि खर्च कर 4.84 लाख मजदूरों को उनके घर पहुंचाया

- अप्रैल से जून तक प्रदेश की सभी बसों का टैक्स माफ किया

- जुलाई में टैक्स में 75 फीसदी, अगस्त में 50 और सितंबर में 25 फीसदी छूट दी

- वर्ष 2018-19 में 4500 करोड़ और 2019-20 में 4950 करोड़ राजस्व अर्जित किया

- सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों का अनुपात वर्ष 2030 तक 25 प्रतिशत करना चाहती है

- इसके लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार, जल्द होगा लागू

- इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले, बेचने वाले, चार्जिंग सेंटर लगाने वाले सभी को सब्सिडी मिलेगी

- 13 RTO-DTO कार्यालयों में ऑटाेमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाए, लाइसेंस में सुविधा मिलेगी

- अच्छी तरह कार चलाने वाले लोगों को ही मिल सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस

- 17 अन्य जिलों के 25 परिवहन कार्यालयों में ऐसे ड्राइविंग ट्रैक और बनाए जा रहे

- ई-रवन्ना को वाहन-4 सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया, जिससे ओवरलोडिंग पर काफी हद तक रोक लगी

- इससे जो वाहन बजरी ज्यादा लोड करवाते हैं, उनका ऑटोमेटिक चालान बन जाता है

- बसों, टैक्सी में पैनिक बटन लगना शुरू, अब इसके लिए कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा

- 7048 दुर्घटना स्थलों में से 2277 को रोड इंजीनियरिंग कर ठीक करवाया गया

- परिवहन कार्यालयों को पासपोर्ट की तर्ज पर स्मार्ट करने का कार्य शुरू

- फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने पर पासपोर्ट की तरह सुगमता से कार्य हो सकेंगे

- ऑनलाइन चालान बनाने के लिए परिवहन निरीक्षकों को 500 पोस मशीनें दी गईं.

 

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