किसानों के लिए CM गहलोत का बड़ा फैसला, खत्म होगी खाद-बीज और फसली ऋण की समस्या

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीएसएस के गठन की प्रक्रिया को किसानों के लिए अधिक सुगम एवं त्वरित बनाया जाए. 

किसानों के लिए CM गहलोत का बड़ा फैसला, खत्म होगी खाद-बीज और फसली ऋण की समस्या
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत.

जयपुर: प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सहकारी समितियों के गठन में विस्तार करते हुए बड़ा फैसला लिया है. सरकार आगामी 4 वर्ष में प्रदेश में 2000 नई ग्राम सेवा सहकारी समितियां गठित करने जा रही है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस फैसले से सहकारी संस्थाओं की गांव-गांव में पहुंच से किसानों को फसली ऋण लेने तथा खाद-बीज की उपलब्धता में सुविधा हो सकेगी. मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया. 

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सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीएसएस के गठन की प्रक्रिया को किसानों के लिए अधिक सुगम एवं त्वरित बनाया जाए. उन्होंने कहा कि राजस्थान में सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने तथा सहकारिता से जुड़ी संस्थाओं की आमजन तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. 

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत स्थापित किए जा रहे कस्टम हायरिंग सेन्टर्स को वृहद रूप में स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि इन पर सभी फसल चक्रों में इस्तेमाल होने वाले कृषि यंत्र आसानी से किराये पर उपलब्ध हो सके.  उन्होंने खरीफ की फसल के लिए ऋण वितरण के काम को गति देने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को फसली ऋण वितरित हो सके. सीएम ने प्रदेश में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए ज्यादा संख्या में खरीद केन्द्र खोलने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि गेहूं की एमएसपी पर खरीद को केन्द्र सरकार की 'विकेन्द्रीकृत खरीद योजना' के तहत चरणबद्ध रूप से आरम्भ करें, ताकि प्रदेश में गेहूं की ज्यादा से ज्यादा खरीद हो सके. उन्होंने भूमि विकास बैंकों के केन्द्रीय सहकारी बैंकों में विलय के प्रस्ताव का परीक्षण करने के भी निर्देश दिए.

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के तहत निर्मित गोदामों को संबंधित पंचायतों के उपयोग में नहीं लेने की स्थिति में स्थानीय जीएसएस या केवीएसएस को खाद-बीज अथवा फसल उत्पादों के भण्डारण के लिए देने के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायतें अपने गोदाम सहकारी समितियों को निर्धारित किराये पर दे सकती हैं. 

बैठक में ऐसी सहकारी संस्थाओं, जिनकी चुनी हुई कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरे हो चुके हैं कि नई कार्यकारिणी के चुनाव कराने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया.  मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी तथा अन्य परिस्थितियों के दृष्टिगत इन चुनावों का समय तय कर निर्वाचन प्रक्रिया पूरी की जाए. उन्होंने सहकारी संस्थाओं में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्तियों की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए. गहलोत ने जयपुर तथा अन्य जगहों पर गृह निर्माण सहकारी समितियों के आम लोगों को दोहरे पट्टे जारी कर धोखा देने की गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने ऐसे प्रकरणों में सहकारिता, नगरीय विकास तथा पुलिस आदि संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय कर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए.