फ्लाईओवर के नीचे रह रहे थे 21 श्रमिक, स्पेशल बस से भेजा गया भीलवाड़ा

गुरुवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में एक फ्लाईओवर के नीचे रह रहे, भीलवाड़ा के विजयनगर के 21 मजदूरों को श्रमिक स्पेशल बस से भेजा गया. 

फ्लाईओवर के नीचे रह रहे थे 21 श्रमिक, स्पेशल बस से भेजा गया भीलवाड़ा
सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग करवाई गई.

मनोहर विश्नोई/जयपुर: राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही निशुल्क श्रमिक स्पेशल बसें, अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी राजस्थानी मजदूरों के लिए वरदान साबित हो रही हैं. दिल्ली में फंसे प्रवासी राजस्थानियों के लिए लगाई गई 100 श्रमिक स्पेशल बसें, सभी जिला मुख्यालयों से प्रवासी राजस्थानी मजदूरों को राजस्थान के विभिन्न जिलों में पहुंचा रही है.

इसी क्रम में गुरुवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में एक फ्लाईओवर के नीचे रह रहे, भीलवाड़ा के विजयनगर के 21 मजदूरों को श्रमिक स्पेशल बस से भेजा गया. राजस्थान फाउंडेशन (Rajasthan Foundation) के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि, ये सभी 21 मजदूर दिल्ली में रेड लाइट्स (Red Lights) पर बच्चों के खिलौने और गुब्बारे बेचते थे.

इनमें बुजुर्ग महिलाएं तथा बच्चे भी शामिल हैं. लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) होने के बाद से, इनकी रोटी-रोजी छिन गई तथा पिछले 2 महीने से इसी फ्लाईओवर के नीचे यह अपना गुजर-बसर कर रहे थे. धीरज ने बताया कि, हमें एक एनजीओ (NGO) के माध्यम से इनके यहां फंसे होने की खबर प्राप्त हुई थी.

धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि, हमने द्वारका इलाके के जिला मजिस्ट्रेट से समन्वय करके तथा एनजीओ के सहयोग से इनके सभी कागजात तैयार करवाएं. क्योंकि इनका राजस्थान सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं था. इसलिए हमने तुरंत नोडल अधिकारी छत्रपाल यादव को भेजकर डीएम ऑफिस के मार्फत इनका रजिस्ट्रेशन करवाया. साथ ही, इनकी मेडिकल स्क्रीनिंग करवाई गई.

उन्होंने बताया कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के स्पष्ट निर्देश है कि, राजस्थान का कोई भी मजदूर पैदल सड़कों के माध्यम से नहीं जाएगा. उन्हें हर संभव राज्य सरकार की निशुल्क श्रमिक स्पेशल बसों के माध्यम से भेजने की व्यवस्था करवाई जाए.

दिल्ली स्थित आवासीय आयुक्त एवं राजस्थान फाउंडेशन के निर्देशन में, राजस्थान सरकार के दिल्ली स्थित कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी दिल्ली सरकार के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों से समन्वय स्थापित कर, लगातार फंसे हुए प्रवासी राजस्थानी मजदूरों को निशुल्क श्रमिक स्पेशल बसों से भेजने के काम में लगे हुए हैं.