राजस्थान में आए कोविड के 2,677 नए केस, कुल एक्टिव मामलों की संख्या हुई 28,653

सोमवार को 20 कोविड मरीजों की मौत हो गई. जबकि 2 हजार 762 मरीज सोमवार को ठीक होकर अपने घर चले गए.

राजस्थान में आए कोविड के 2,677 नए केस, कुल एक्टिव मामलों की संख्या हुई 28,653
राजस्थान में 2,677 नए कोविड मरीज सामने आए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है. सोमवार को राजस्थान में 2 हजार 677 नए कोविड मरीज सामने आए हैं. इसमें से सबसे अधिक केस राजधानी जयपुर में सामने आए हैं. जयपुर में रिकॉर्ड तोड़ 745 केस दर्ज किए गए. वहीं, जोधपुर में 475 और कोटा में 194 मामले दर्ज किए गए.

जानकारी के अनुसार, राजस्थान में अब तक कोविड के 28 हजार 653 मरीज एक्टिव हैं. वहीं, सोमवार को 20 कोविड मरीजों की मौत हो गई. जबकि 2 हजार 762 मरीज सोमवार को ठीक होकर अपने घर चले गए. इससे पहले रविवार को राजस्थान में चिकित्सा विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया. इस आदेश के तहत जिन मरीजों का ऑक्सीजन सैचुरेशन ठीक है और एचआरसीटी (HRCT) में सिटी रिपोर्ट 15 या उससे कम है. ऐसे मरीजों को निजी और सरकारी अस्पतालों में डे केयर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

डे केयर में इलाज को लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. मामले को लेकर चिकित्सा विभाग का कहना है कि गत कुछ समय में प्रदेश में कोविड-19 मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है. आगामी समय में सर्दियों के मौसम, चुनाव व त्यौहारी सीजन, शादी समारोह को देखते हुए कोविङ-19 संक्रमण के बढ़ने की आंशका है. कुछ अध्ययनों व विषय-विशेषज्ञो से चर्चा उपरान्त यह तथ्य उभर कर सामने आया है कि वर्तमान में कोविड-19 संक्रमित मरीजों में से लो रिस्क वाले मरीजों की संख्या अधिक है, जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है. ऐसे मरीजों को आवश्यक दवाइयां देने हेतु ही अस्पताल में भर्ती रखा जा रहा है, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों में कोविड-19 से उत्पन्न तनाव के साथ ही मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है. 

उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के स्थान पर डे-केयर की तर्ज पर ऑब्जरवेशन में रखते हुए आवश्यक दवाईया लगाकर घर भेजा जा सकता है. इससे मरीज व उसके परिजनों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सकेगी तथा मरीज भी घरेलू सकारात्मक वातावरण में रहते हुए शीघ्र स्वस्थ्य हो सकेंगे. डे केयर को लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से कुछ निर्देश भी जारी किए गए हैं जिसके तहत-

  • मरीजों और उनके परिजनों के मानसिक तनाव को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे एसिंप्टोमेटिक मरीज जिनका सिटी स्कोर 15/25 से कम और किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं है. ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन में रखते हुए कोविड चिकित्सालय में ओपीडी/डे-केयर में उपचार किया जाए. इसके अलावा मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन भी सामान्य होना जरूरी है.
  • मरीज के पल्सरेट, रक्तचाप, श्वसनदर एवं ऑक्सीजन सेचुरेशन निर्धारित सामान्य सीमा में हो.
  • मरीज को कोई मेजर रिस्क न हो.
  • मरीज या उसके परिजन उसके स्वास्थ्य को सक्रिय रूप से मानीटर करने में समर्थ हो एवं डे-केयर में इलाज करने हेतु अपनी सहमति प्रदान करें.
  • मरीज को डे-केयर से होम आइसोलेशन में भेजते समय होम आइसोलेशन में अपनाई जाने वाली समस्त सावधानियां की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए तथा डे-केयर में उपचार हेतु घर से अस्पताल एवं अस्पताल से घर की गई यात्रा में कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए.
  • होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को किसी भी प्रकार की असुविधा या नए लक्षण प्रकट होने पर (यथा बुखार, श्वास लेने में परेशानी, छाती में दर्द आदि) उसे तत्काल चिकित्सा संस्थान में भर्ती होने की सलाह दी जाए.