जयपुर: निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, 3 दर्जन नेता BJP में शामिल

पूनिया ने कहा कि अब पार्टी महात्मा गांधी वाली कांग्रेस नहीं रही, बल्कि अब यह केवल वाड्रा कांग्रेस रह गई है और इसलिए देश की जनता का वाड्रा कांग्रेस से मोहभंग हो गया है.

जयपुर: निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, 3 दर्जन नेता BJP में शामिल
कांग्रेस के कई नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन किया. (तस्वीर साभार-@DrSatishPoonia)

शशि मोहन/जयपुर: नगर निगम चुनाव के साथ ही आगामी पंचायतीराज चुनाव से पहले सत्ताधारी दल कांग्रेस को झटका लगा है. कांग्रेस के लगभग 3 दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ता और पूर्व पदाधिकारियों ने बीजेपी का दामन थाम लिया. जयपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस से आए इन नेताओं को पार्टी का दुपटृटा पहनाकर सदस्यता दिलाई. प्रदेशाध्यक्ष के साथ इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता राजेन्द्र राठौड़, प्रदेश महामंत्री दीया कुमारी और मदन दिलावर भी मौजूद रहे.

मंगलवार को कांग्रेस ने बीजेपी के पूर्व नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराया तो बुधवार का दिन बीजेपी का था. विपक्षी पार्टी ने प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी में सेंध लगाकर पीसीसी के निवर्तमान पदाधिकारियों के साथ ही पूर्व पंचायत समिति सदस्य और पालिका उपाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ताओं को बीजेपी की सदस्यता दिलाई. बीजेपी की सदस्यता लेने वालों में पीसीसी के सचिव रहे गंगापुर सिटी के सत्यनारायण सिंघल, चूरू जिले के बीदासर पंचायत समिति की पूर्व प्रधान संतोष मेघवाल, राजसमंद के देवगढ़ नगर पालिका की उपाध्यक्ष रेखा सोनी प्रमुख हैं.

इनके साथ ही कांग्रेस सेवादल ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष सुरेश जोशी, देवगढ़ पालिका के निर्दलीय पार्षद नरेश पानेरी, कांग्रेसी नेता अजय सोनी, दिनेश वैष्णव सहित उनके समर्थक शामिल रहे. पार्टी में शामिल नए चेहरों को सदस्यता दिलाने के बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस के प्रमुख लोग बुधवार बीजेपी परिवार में शामिल हुए हैं. क्योंकि बीजेपी एक परिवार की नहीं बल्कि सभी कार्यकर्ताओं की संयुक्त पार्टी है.

उन्होने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब  पार्टी महात्मा गांधी वाली कांग्रेस नहीं रही, बल्कि अब यह केवल वाड्रा कांग्रेस रह गई है और इसलिए देश की जनता का वाड्रा कांग्रेस से मोहभंग हो गया है. पूनिया ने कहा कि जितने भी लोग बीजेपी से जुड़े हैं इससे पार्टी की राजनीतिक विचारधारा और गतिविधियों को भी ताकत मिलेगी. 

पूनिया ने कहा कि आने वाले समय में बहुत सारे दूसरे लोग भी बीजेपी से जुड़ने की इच्छा जता चुके हैं और जल्द ही ऐसे लोगों को भी बीजेपी में शामिल किया जाएगा. इधर, बीजेपी में आए पीसीसी के निवर्तमान सचिव और गंगापुर सिटी के सत्यनारायण सिंघल का कहना है कि वे बरसों तक आरएसएस से जुड़े रहे और पिछले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भ्रम में आकर वहां चले गए थे. 

सिंघल ने कहा कि बीजेपी में उनकी घर वापसी बिना शर्त हुई है. उन्होंने कहा कि पार्टी उचित समझेगी तो उन्हें टिकट देगी वरना वे एक कार्यकर्ता की भूमिका में ही काम करेंगे. निकाय चुनाव में वोटिंग से ठीक पहले कांग्रेस नेताओं और कांग्रेस से बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ चुके नेताओं को बीजेपी में शामिल कराकर पार्टी ने एक मास्टर स्ट्रोक लगाने की कोशिश की है. आने वाले दिनों में पंचायतीराज के चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों की तरफ से इस तरह की कोशिशें और भी दिखाई देंगी.