बाड़मेर: कोरोना का बहाना बनाकर आइसोलेशन पहुंचे 3 बंदी, वहां दीवार तोड़कर भागे पर...

बाड़मेर जेल में आइसोलेशन में रखे गए तीन बदियों ने जेल की दीवार तोड़कर भागने का प्रयास किया.

बाड़मेर: कोरोना का बहाना बनाकर आइसोलेशन पहुंचे 3 बंदी, वहां दीवार तोड़कर भागे पर...
महिला बैरक की दीवार तोड़कर भाग रहे 3 बंदी पकड़े गए.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: बाड़मेर जेल में कोरोना वायरस की आड़ में पहले जुकाम का बहाना बनाकर बंदी आइसोलेशन में गए. फिर महिला बैरक में बने आइसोलेशन की दीवार तोड़कर बाहर निकले लेकिन RAC और पुलिस स्टाफ की सजगता से बंदी भागने में असफल रहे.

बाड़मेर जेल में अलसुबह 3-4 बजे महिला बैरक की दीवार तोड़कर भाग रहे 3 बंदी पकड़े गए. ये बंदी लोहे के पाइप से दीवार खोदकर 1 फुट गहरा छेद करते हुए उसमें से बाहर निकले लेकिन मुख्य गेट पर तैनात प्रहरी की नजर पड़ने पर राइफल दिखाकर चेतावनी दी और घंटी बजाकर जेल सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट किया. फिर ये परिसर में ही दबोच लिए गए जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर बंदियों के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया. उपमहानिरीक्षक ने कैलाश त्रिवेदी ने जेल का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश भी जारी किए.

कैदियों द्वारा जेल तोड़ कर भागने के मामले की जांच करने पहुंचे जेल डीआईजी कैलाश त्रिवेदी ने बताया कि जेल प्रभारी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे बंदी नरपत पुत्र भंवरलाल निवासी बेरी सालवा जोधपुर, भैराराम पुत्र बालाराम निवासी विशाला आगोर, अशोक पुत्र जगदीश सोनी निवासी गिड़ा ने अलसुबह दीवार को लोहे की वस्तु से पत्थर निकालकर छेद कर भागने का प्रयास किया लेकिन उन्हें बाहर निकलते ही दबोच लिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. 

इन आारोपों में बंद हैं तीनों कैदी
आरोपी नरपत के खिलाफ हत्या का प्रयास भैराराम के खिलाफ चोरी और अशोक पोक्सो के मामले में जेल में बंद है. महिला बैरक में तीनों बंदी आइसोलेशन मे थे. तीनों बंदियों को हल्का जुकाम होने के कारण उन्हें महिला बैरक में बने आइसोलेशन में रखा गया था. वहां उन्होंने लोहे के पाइप से दीवार में छेद कर एक-एक  कर बाहर निकले और भागने का प्रयास किया था.

22 मार्च को किया गया था शिफ्ट
बाड़मेर जेल में आइसोलेशन में रखे तीन बदियों ने जेल की दीवार तोड़कर भागने का प्रयास किया लेकिन RAC और स्टाफ की सजगता के काऱण तीन बंदियों को जेल परिसर में ही दबोज लिया. तीनों बंदियों को 22 मार्च को ही जुकाम और बुखार के कारण जेल में महिला बैरक को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, जिसमें कोरोना वायरस के संदिग्ध होने के चलते रखा गया. पंखे के पाइप से उन्होंने बाथरूम की दीवार की पट्टियां निकाली और उससे दीवार में छेद किया औऱ दीवार पंचर हो गई. हमने कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवा दिया है और यह जांच का विषय है कि उन बंदियों ने कितने दिनों से दीवार तोड़ने का काम किया है?

गौरतलब है कि बंदियों के दीवार में छेद कर भागने की कोशिश ने जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए यह दीवार बात है कि जेल प्रशासन किस अधिकता के कारण तीनो को दबोच लिया गया. जेल के पुराने बैरक की दीवार पूरी तरह से छलनी हो चुकी है. इसके चलते दीवार में आसानी से छेद हो गया था.