डूंगरपुर: गरीबों के राशन पर 'डाका' डाल रहे थे डीलर, जांच में मिले 3 हजार फर्जी कार्ड

डीएसओ ने बताया कि, 6 हजार ऐसे लोगों के नाम राशन कार्ड में लिखे हुए थे, जिनकी या तो पिछले सालों में मौत हो चुकी है या फिर महिला होने के कारण, शादी के बाद अपने ससुराल चली गई हैं.

डूंगरपुर: गरीबों के राशन पर 'डाका' डाल रहे थे डीलर, जांच में मिले 3 हजार फर्जी कार्ड
जांच में 3 हजार डुप्लीकेट राशन कार्ड मिले हैं.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: कोरोना (Corona) काल में हर कोई गरीब, असहाय और भूखों की मदद में जुटा है. इसके बावजूद डूंगरपुर जिले में कई राशन डीलर गरीबों के अनाज पर डाका डाल रहे थे. जिले में राशन डीलर की ओर से गड़बड़ियों के बीच फर्जी राशन कार्ड (Ration Card), मृत लोगों और सरकारी कर्मचारियों के नाम राशन कार्ड से राशन उठाने के संगीन मामले भी सामने आए हैं.  रसद विभाग की जांच में इन गड़बड़ियो का खुलासा हुआ है.

दरअसल, कोरोना वायरस की महामारी के बाद 22 मार्च से प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) लागू हो गया था.  इसके बाद लोगों की रोजी-रोटी छीन गई तो कई लोगों के, सामने खाने-पीने की भी नौबत आ गई. इस पर सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राशन का वितरण करवाया. लेकिन इस पर भी डीलर से लेकर सरकारी कर्मचारी की घपलेबाजी कम नहीं हुई.

कोरोना काल के बीच ही डीलर की ओर से राशन वितरण में गड़बड़ी के साथ ही, फर्जी राशन कार्ड, सरकारी कर्मचारी या मृत लोगों के नाम राशन कार्ड से राशन उठाने के मामले भी सामने आए.  जिला रसद अधिकारी अनिल कुमार पंवार ने बताया कि, जिले में सरकार के आदेशों पर कोरोना काल में प्रत्येक व्यक्ति तक राशन पहुंचाने का काम किया गया.  डूंगरपुर जिले में कोरोना काल में विभाग के पास ढे़रों शिकायतें आई हैं.

वहीं, शिकायतों के बाद रसद विभाग की ओर से जांच करवाई गई तो, इस दौरान फर्जी राशन कार्ड, मृत या सरकार कर्मचारी के नाम से राशन उठाने के मामले सामने आए. इस पर जिले भर में राशनकार्ड की छटनी करते हुए रिकॉर्ड खंगाले गए तो, जांच में 3 हजार डुप्लीकेट राशन कार्ड मिले. इसमें से 1347 राशन कार्ड सिंगल यूनिट राशन कार्ड थे.

इसके अलावा 1653 राशन कार्ड एक नहीं 2 से 3 लोगों के नाम पर बने हुए हैं. इतना ही नहीं जांच में मृत और शादीशुदा लोगों के नाम भी राशन कार्ड में मिले. डीएसओ ने बताया कि, 6 हजार ऐसे लोगों के नाम राशन कार्ड में लिखे हुए थे, जिनकी या तो पिछले सालों में मौत हो चुकी है या फिर महिला होने के कारण, शादी के बाद अपने ससुराल चली गई हैं.

इसके बावजूद उनके नाम राशन कार्ड में दर्ज थे. जिस कारण उनके नाम से भी राशन उठ रहा था. इस पर भी रसद विभाग ने इन सभी लोगों के नाम हटाते हुए कार्रवाई की है. वहीं, कोरोना काल में गरीबों के लिए आए राशन पर सरकारी कर्मचारियों की भी नजर रहीं. सरकारी कर्मचारी भी यह राशन उठाने में पीछे नहीं रहे.

डीएसओ ने बताया कि, अभी तक 24 सरकारी कर्मचारी ऐसे मिले है, जिन्होंने फर्जी तरीके से राशन उठा लिया. जिसपर उन्हें नोटिस जारी कर वसूली की जा रही हैं. अब तक विभाग की ओर से 2 लाख 95 हजार 601 रुपए की वसूली इन सरकारी कर्मचारियों से कर चुका हैं.  इसके अलावा ऐसे सरकारी कर्मचारियों को चिन्हित किया जा रहा है, जो गलत तरीके से राशन उठा रहे थे.

इधर, जिलेभर में राशन डीलर की ओर से राशन वितरण में की गई गड़बड़ियों के कई मामले में, रसद विभाग ने सख्ती अपनाई. रसद विभाग ने 25 डीलर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, उनके प्राधिकार पत्र निलंबित किए.  वहीं, 8 राशन डीलर के गंभीर मामले होने के कारण उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है.