35 वीं राज्य स्तरीय स्कि्रीनिंग कमेटी की बैठक, सीमान्त क्षेत्र विकास योजना का अनुमोदन

गुप्ता शुक्रवार ने बैठक में सीमावर्ती जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, एवं बीेकानेर जिलों के जन प्रतिनिधि, कलक्टर्स की सीमान्त क्षेत्र विकास योजना की वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से विकास कार्यो की विस्तृत चर्चा की.

35 वीं राज्य स्तरीय स्कि्रीनिंग कमेटी की बैठक, सीमान्त क्षेत्र विकास योजना का अनुमोदन
फाइल फोटो

जयपुर: मुख्य सचिव डी.बी.गुप्ता की अध्यक्षता में 35 वीं राज्य स्तरीय स्कि्रीनिंग कमेटी ने शुक्रवार को सम्बन्धित जिलों के जन प्रतिनिधियों, महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल जोधपुर एवं जिला कलेक्टर्स से विडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये प्रगतिरत व लंम्बित विकास कार्यो की समीक्षा कर चार वर्ष की 1338 कार्यो की 337 करोड़ की कार्य योजना को सर्व सम्मति से अनुमोदित कर दिया.

गुप्ता शुक्रवार ने बैठक में सीमावर्ती जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, एवं बीेकानेर जिलों के जन प्रतिनिधि, कलक्टर्स की सीमान्त क्षेत्र विकास योजना की वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से विकास कार्यो की विस्तृत चर्चा की.

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मुख्य सचिव ने सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे स्वीकृत कार्यो को योजना से संम्बन्धित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्रतिशीघ्र पूर्ण कराने व कार्यो के उपयोगिता तथा पूर्णता प्रमाण पत्रों का समायोजन करायें.

गुप्ता ने सांसदों एवं विधायकों से सीमावर्ती क्षेत्र की समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और उनसे सुझाव भी मांगे. जन प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव गुप्ता से आग्रह किया कि पेयजल सुविधाये विशेषकर हैण्ड पम्प, गांवों, ढाणियों एवं मजरों में विद्युतीकरण, जिला व ब्लाक स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करवाने व उन्हें बेहतर बनाने,एवं बीएसफ गार्डस के लिये आवश्यक सुविधाओं सहित बैरक बनवाये जायें.

गुप्ता ने जन प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वे राजस्थान के सीमावर्ती जिलों की विशेष भौगौलिक परिस्थितियों के मद्देनजर इन सभी कार्यों को इस कार्यक्रम के तहत सम्मिलित करने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखेंगे व व्यक्तिशः भी वार्ता करेंगे. गुप्ता ने योजनान्तर्गत स्वीकृत कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराते हुये कार्यो पर व्यय राशि का समायोजन किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.

बैठक में पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने योजना के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुये आगामी चार वर्षो की कार्य योजना प्रस्तुत की व अधिकारियों को कार्यो के शीघ्र क्रियान्वयन एवं कार्याें पर व्यय राशि के समायोजन के निर्देश दिये.

बैठक में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक(विकास) शिखा मेहरा, प्रमुख शासन सचिव उर्जा, अजिताभ शर्मा, शासन सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल, शासन सचिव श्रम एवं रोजगार श्री नीरज. के.पवन, विशिष्ठ शासन सचिव ग्रामीण विकास एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा, श्री पी.सी.किशन ,शासन सचिव, पशुपालन विभाग डा.राजेश शर्मा, विशिष्ठ शासन सचिव एवं निदेशक, पंचायती राज डॉ. आरूषि ए. मलिक एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे.

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