तस्करों को लुभा रहा है जयपुर एयरपोर्ट, 6 माह में 4000 ग्राम सोना आया पकड़ में

गोल्ड स्मगलर्स की नजर में जयपुर एयरपोर्ट है. कड़ी सख्ती के बावजूद इन दिनों सोने की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं. 

तस्करों को लुभा रहा है जयपुर एयरपोर्ट, 6 माह में 4000 ग्राम सोना आया पकड़ में
फाइल फोटो

जयपुर: गोल्ड स्मगलर्स की नजर में जयपुर एयरपोर्ट है. कड़ी सख्ती के बावजूद इन दिनों सोने की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं. सोमवार को भी बैंकॉक से जयपुर आया यात्री इमरान ने अपने साथ रेक्टम में 620 ग्राम सोना छुपाकर लाया. फरवरी में ही बैंकॉक से जयपुर आए मोहम्मद बिला को 586 ग्राम और दुबई से जयपुर आए अब्दुल नजीर भी रेक्टम में 435 ग्राम सोना तस्करी कर लाए सोने के साथ पकड़ा था.

तीनों मामले में बरामद हुए सोने की कुल कीमत करीब 75 लाख रुपए है. पिछले छह माह में जयपुर एयरपोर्ट पर रैक्टम में सोना ले जाने के 6 मामले सामने आए हैं. इनसे 1.50 करोड रुपए का 4000 ग्राम सोना पकड़ा गया.

कलकत्ता, चेन्नई, दिल्ली के बाद जयपुर एयरपोर्ट को सोना तस्कर सबसे अधिक पसंद कर रहे हैं, यह हम नहीं इन एयरपोर्ट्स पर पकड़े जा रहे सोना तस्करी के मामले कह रहे हैं. नियमों के तहत विदेश से सिर्फ भारतीय नागरिक ही सोना ला सकते हैं. कोई पुरुष 6 माह से अधिक समय से देश से बाहर है तो 50 हजार तक की ज्वैलरी ला सकता है. महिलाओं के लिए यह छूट एक लाख है. कोई भी यात्री ड्यूटी देकर 1 किलो तक सोना या ज्वैलरी ला सकता है. 

हालांकि, बिस्किट, रॉड इत्यादि में सोना सिर्फ आरबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसी ला सकती है. पिछले 6 महिने में जयपुर एयरपोर्ट पर 30 मामले पकड़े जा चुके हैं. तस्करी की मुख्य वजह भारत में 12 फीसदी कस्टम ड्यूटी और खाड़ी में सिर्फ 5 प्रतिशत शुल्क होना है. कस्टम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तस्कर जिन लोगों के जरिए सोने की तस्करी कराते हैं, उन्हें विशेष ट्रेनिंग देते हैं. 

रेक्टम में छुपाने के लिए भी पहले रिहर्सल कराई जाती है. खाड़ी देशों में सोने पर ड्यूटी सिर्फ 5 फीसदी है. एक्सपोर्ट के उद्देश्य से लाने पर ड्यूटी नहीं लगती. भारत में सोना लाने पर 12 प्रतिशत ड्यूटी लगती है. ऐसे में तस्कर को 10 ग्राम सोने पर 15 प्रतिशत मुनाफा होता है. बैंकॉक, दुबई, सिंगापुर और खाड़ी देशों से तस्करी अधिक हो रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने भी पिछले दिनों तस्करी का सोना खरीदने वाले स्थानीय ज्वैलर्स पर कार्रवाई की थी. केंद्रीय एजेंसियां अब अंतराष्ट्रीय स्तर पर सोना तस्करों को बेनकाब करने की तैयारी में है.