झुंझुनूं: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो ट्रकों में पकड़ी 45 लाख की अवैध शराब

 शराब की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है. इसमें केवल एक ब्रांड को छोड़ दें तो सभी के सभी पंजाब में बने हैं.

झुंझुनूं: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो ट्रकों में पकड़ी 45 लाख की अवैध शराब
शराब की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: आबकारी विभाग के निरोधक दल ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब से भरे दो बड़े ट्रकों को जब्त किया है, जिनसे पंजाब में बनी 45 लाख रुपये करीब की अवैध शराब जब्त की है. साथ ही दोनों ट्रकों के चालकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. 

जिला आबकारी अधिकारी नूर मोहम्मद ने बताया कि शनिवार को उन्हें मुखबिर के जरिए जानकारी मिली थी कि हरियाणा से अवैध शराब से भरे दो ट्रक झुंझुनूं होते हुए गुजरात जाएंगे, जिस पर आबकारी निरोधक दल झुंझुनूं उत्तर के प्रहराधिकारी अमीलाल धायल के नेतृत्व में बगड़ कस्बे की बाइपास पर और दल के दक्षिण प्रहराधिकारी आनंद सिंह के नेतृत्व में शहर के अग्रसेन सर्किल पर नाकाबंदी करवाई गई. सुबह करीब साढ़े पांच-छह बजे दोनों ट्रकों को अग्रसेन सर्किल के पास पकड़ा गया, जिसकी तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब थी. इन्हें आबकारी निरोधक थाने में लाया गया. 

शराब की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है
इस मामले में दोनों ट्रकों के चालक हरियाणा के रोहतक जिले के नारनौद गांव निवासी विनोद कुमार पुत्र अतरसिंह जाट को और सीतावली सोनीपत निवासी सत्यवान पुत्र लक्खीराम जाट को गिरफ्तार किया गया. जिला आबकारी अधिकारी नूर मोहम्मद ने बताया कि दोनों ही कार्रवाई उनके तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी हुकूमसिंह के सुपरविजन में की गई. उन्होंने बताया कि शराब की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है. इसमें केवल एक ब्रांड को छोड़ दें तो सभी के सभी पंजाब में बनें हैं, जो अरूणाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में बिक्री के लिए बनीं थी. लेकिन यह शराब राजस्थान के रास्ते गुजरात ले जाई जा रही थी. 

सोनीपत के कुलविंदर का नाम आया सामने
जिला आबकारी अधिकारी नूर मोहम्मद ने बताया कि दोनों ही चालकों ने यह सारा माल सोनीपत के कुलविंदर का होना बताया है. उन्होंने बताया है कि शुक्रवार शाम को दोनों को अलग-अलग जगहों से सोनीपत के पास एक गांव से ही रवाना किया गया था लेकिन दोनों ही नहीं पता था कि कुलविंदर ने दो ट्रकों को रवाना किया है. उन्हें गुजरात में सप्लाई देनी थी, लेकिन इससे पहले ही वे झुंझुनूं धरे गए. चालकों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें एक ट्रिप के 10 हजार रुपये दिए गए हैं. इसके अलावा हर दिन खाने के लिए 400 रुपये दिए गए हैं. इधर, एक अन्य जानकारी में सामने आया है कि एक ट्रक इनमें संदीन सरोवा नाम के व्यक्ति का है तो दूसरा ट्रक कुलविंदसिंह दहिया के नाम से रजिस्टर्ड है.

बगड़ में तोड़ी नाकाबंदी, लेकिन पकड़ा गया
जिला आबकारी अधिकारी नूर मोहम्मद ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दो जगहों पर नाकाबंदी करवाई गई थी. बगड़ बाइपास पर इनमें से एक ट्रक को रूकवाने की कोशिश की गई. जिसे विनोदकुमार चला रहा था. लेकिन उसने नाकाबंदी तोड़ दी. टीम ने जब पीछा किया तो आगे अग्रसेन सर्किल पर इसे रूकवा लिया गया. वहीं इससे पहले ही दूसरी टीम ने अग्रसेन सर्किल पर 18 चक्कों का दूसरा ट्रक जिसे सत्यवान चला रहा था. उसे पकड़ लिया था. 

अलग-अलग ब्रांड की है शराब
बगड़ बाइपास पर नाकाबंदी तोड़कर भागे ट्रक में 638 व्हीस्की के कार्टुन मिले. जो तीन अलग-अलग ब्रांड की थी. इनकी कीमत करीब 24 लाख 16 हजार 800 रुपये आंकी गई है. इनमें दो ब्रांड पंजाब में बने थे और अरूणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए बनाए गए थे. वहीं एक ब्रांड हरियाणा में बना था और हरियाणा में बेचने के लिए ही बनाया गया था. वहीं अग्रसेन सर्किल पर पकड़े गए ट्रक में 640 कार्टुन मिले. इनमें दो ब्रांड की शराब मिली. जिसमें 520 व्हीस्की थी तो 120 कार्टुन बीयर के थे. यह व्हीस्की पंजाब में बनीं है और अरूणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए है. तो वहीं 120 कार्टुन बीयर के पंजाब में बनें है और वहीं पर बेचने के लिए बनाए गए थे. इनकी कीमत 20 लाख 73 हजार 600 रुपये आंकी गई है. 

भूसा और डिटर्जेंट पाउडर के नीचे छुपी थी शराब
जिला आबकारी अधिकारी नूर मोहम्मद ने बताया कि दोनों ही ट्रकों में शराब के कार्टुन को भूसे के और डिटर्जेंट पाउडर के कट्टों के नीचे छुपाया गया था. लेकिन फिर भी तलाशी में पकड़े गए. पकड़े जाने पर पहले तो चालक ने उन्हें भी भ्रमिक करने की कोशिश की लेकिन टीम ने जब ट्रक की गंभीरता के साथ जांच की तो नीचे अवैध शराब के कार्टुन मिले. 

कड़ी से कड़ी मिलाकर पहुंचेंगे कुलविंदर तक
आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि वे इस मामले को केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहने देंगे. उन्होंने यहां तक सफलता हासिल कर ली है कि आखिर यह शराब किसकी है? इस शराब को लेकर सोनीपत के जिस कुलविंदरसिंह का नाम सामने आया है. वहीं एक ट्रक का मालिक भी कुलविंदरसिंह का होने का पता चला है. इसके बाद आबकारी विभाग ने कड़ी से कड़ी मिलाकर इस पूरे तंत्र को तोड़ने का मन बना लिया है.