राजस्थान: खनिज फाउंडेशन निधि से कोरोना बचाव के लिए दिए जाएंगे 605 करोड़ रुपए

अतिरिक्त मुख्य सचिव खान व पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में डीएमएफटी कोष में 2018 करोड़ 59 लाख रुपए उपलब्ध है.

राजस्थान: खनिज फाउंडेशन निधि से कोरोना बचाव के लिए दिए जाएंगे 605 करोड़ रुपए
वेंटिलेटर के लिए 605 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

विष्णु शर्मा/जयपुर: राजस्थान में खनिज फाउंडेशन निधि से कोरोना महामारी से बचाव के लिए 605 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. यह राशि कोरोना (Corona) से बचाव में काम आने वाले जीवन रक्षक उपकरणों पर खर्च की जाएगी. जिला खनिज फाउंडेशन निधि में उपलब्ध कुल राशि में से 30 प्रतिशत तक खर्च की जा सकेगी.
 
खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन निधि (DMFT) से कोविड-19 से बचाव के लिए जिलों में जीवन रक्षक उपकरणों, टेस्टिंग उपकरण, पीपीई किट, हॉस्पिटल बेड, वेंटिलेटर आदि के लिए 605 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.  

डीएमएफटी फंड में उपलब्ध राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाती है. कोविड-19 (COVID-19) महामारी को देखते हुए जिस जिले में जितनी राशि उपलब्ध है. उसमें से 30 प्रतिशत राशि कोविड बचाव कार्यों व चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और सुविधाओं के लिए उपयोग में लाने के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकृत किया गया है. जिला कलेक्टर प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित डीएमएफटी की जिला स्तरीय गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग बुलाकर उपलब्ध राशि के अनुसार, जिले की मांग व आवश्यकता को देखते हुए राशि स्वीकृत कर उपयोग में ले सकेंगे.

अतिरिक्त मुख्य सचिव खान व पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में डीएमएफटी कोष में 2018 करोड़ 59 लाख रुपए उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस कोष से 30 प्रतिशत राशि 605 करोड़ 58 लाख रुपए कोविड-19 महामारी से बचाव कार्यों के लिए व्यय किए जाने के विशेष प्रावधान किए गए हैं. जिलों में उपलब्ध कोष के आधार पर जिला वार राशि तय की गई हैं.

जिले में उपलब्ध राशि उसी जिले में उपयोग में ली जा सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिलावार लक्ष्य तय किए गए हैं. एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जिला कलक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे उपलब्ध राशि के अनुसार, आवश्यकताओं का आंकलन करवाएं और जल्दी से जल्दी जिला स्तरीय गवर्निंग काउंसिल की बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित करवाएं.

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिलों की चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक उपकरण व स्वास्थ मानकों के सुदृढ़ीकरण आदि कार्यों में इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा. डॉ. अग्रवाल ने बताया कि डीएमएफटी फंड से सर्वाधिक 205 करोड़ 50 लाख रुपए भीलवाड़ा में उपलब्ध होंगे.

वहीं, राजसमंद में 132 करोड़ 40 लाख रुपए, उदयपुर को 57 करोड़ 73 लाख रुपए, चित्तोडगढ़ में 37 करोड़ 32 लाख रुपए, पाली में 36 करोड़ 14 लाख रुपए, सिरोही में 28 करोड़ 34 लाख रुपए, अजमेर में 21 करोड़ 62 लाख रुपए, जैसलमेर में 11 करोड़ 10 लाख रुपए, कोटा में 9 करोड़ 99 लाख रुपए, जयपुर में 9 करोड़ 83 लाख रुपए, बाड़मेर में 9 करोड़ 30 लाख रुपए, बीकानेर में 8 करोड़ 67 लाख रुपए. इन कार्यों के लिए उपयोग में लिए जा सकेंगें.

इसी तरह से नागौर में 8 करोड़ 70 लाख रुपए, झुन्झुनू में 5 करोड़ 21 लाख रुपे, अलवर में 4 करोड़ 74 लाख रुपए, टोंक में 2 करोड़ रुपए, जोधपुर में 61 लाख रुपए, बूंदी में 1 करोड़ 20 लाख रुपए, झालावाड़ में 1 करोड़ 69 लाख रुपए, जालौर में 1 करोड़ 62 लाख रुपए, सीकर में 1 करोड़ 35 लाख रुपए, भरतपुर में 2 करोड़ 14 लाख रुपए, हनुमानगढ़ में एक करोड़ 31 लाख रुपए,  डूंगरपुर में 95 लाख रुपए, बांसवाड़ा में 2 करोड़ 14 लाख रुपए, प्रतापगढ़ में 79 लाख रुपए, बारां में 41 लाख रुपए, श्रीगंगानगर में 82 लाख रुपए, चूरु में 54 लाख रुपए, दौसा में 68 लाख रुपए, करौल में 45 लाख रुपए, सवाई माधोपुर में 15 लाख रुपए व धौलपुर में 14 लाख रुपए कोरोना बचाव कार्यों में उपकरण आदि के लिए उपयोग में लिए जा सकेंगे.