झुंझुनूं में पंचायत चुनाव की अनिश्चितता से बढ़ी सरपंच उम्मीदवारों की मुश्किलें...

पंचायतीराज संस्थाओं के पुर्नगठन को लेकर कोर्ट में चल रहे मामले में सर्वाधिक प्रभावित यदि कोई है तो वो है झुंझुनूं जिला.

झुंझुनूं में पंचायत चुनाव की अनिश्चितता से बढ़ी सरपंच उम्मीदवारों की मुश्किलें...
झुंझुनूं में चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

झुंझुनूं: पंचायतीराज संस्थाओं के पुर्नगठन को लेकर पहले हाईकोर्ट का फैसला, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के स्टे ने झुंझुनूं के 685 सरपंच उम्मीदवारों की हालत खराब कर दी है. जी, हां झुंझुनूं में झुंझुनूं, सूरजगढ़ और सिंघाना की 99 ग्राम पंचायतों के चुनाव पहले चरण में थे. इन पंचायतों में सरपंच बनने का ख्वाब देख रहे 685 दावेदारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिए. लेकिन अभी वे चुनाव प्रचार बंद करें या चालू रखें. यह सबसे बड़ी परेशानी है.

पंचायतीराज संस्थाओं के पुर्नगठन को लेकर कोर्ट में चल रहे मामले में सर्वाधिक प्रभावित यदि कोई है तो वो है  झुंझुनूं जिला. जी, हां झुंझुनूं और नागौर जिले में उप चुनाव को लेकर यहां पर पुर्नगठन का काम देरी से हुआ और यहां पर सरकार ने तीन नई पंचायत समितियां बनाई. परंतु यहां पर पहले चरण के नामांकन तो दाखिल करवा लिए गए. इसके बाद जब प्रत्याशियों की घोषणा करनी थी. उस पर रोक लगा दी. साथ ही, जो पंच निर्विरोध चुने जाने थे. उन पर भी रोक लगा दी गई. अब चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों का कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आता. तब तक कोई भी काम आगे नहीं बढ़ाया जाए. ऐसा आदेश निर्वाचन आयोग ने दिया है. लेकिन अब अगली तारीख ही फरवरी के अंत में है, तो चुनाव अप्रैल या फिर मई के साथ-साथ जून तक होने की चर्चाएं शुरू हो गई है.

एक ओर चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. वहीं, आचार संहिता के साथ-साथ पहले चरण के नामांकन तक दाखिल हो गए है. बावजूद इसके निर्वाचन आयोग द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सरपंच पद के उम्मीदवारों के खर्चे बदस्तूर जारी है. नियमों की बात करें तो नामांकन दाखिल करने के बाद से सरपंच उम्मीदवार चुनावों में अधिकतम 50 हजार रुपए ही खर्च कर सकेंगे. सरपंच उम्मीदवारों के सामने समस्या यह है कि वे यदि अपने चुनावी खर्चे बंद करते है तो वोटरों के सामने उनकी इमेज मैदान छोडऩे जैसी हो जाएगी, जो वे कतई चाहते नहीं. वहीं, निर्वाचन आयोग इस मामले में कोई स्पष्ट स्थिति कर नहीं रहा.

इधर, सरपंच उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने भी चुनावों को लेकर बनीं असमंजस की स्थिति पर चिंता जाहिर की है. इस्लामपुर की सरपंच प्रत्याशी ताज बानो के पति आमिन मणियार की मानें तो उम्मीदवारों के सामने दुविधा पैदा हो गई है. मई-जून में चुनावों की चर्चा आ रही है. एक ओर तो उन्होंने अपने नामांकन दाखिल कर प्रचार शुरू कर दिया है और कार्यालय में चाय-पानी की व्यवस्था शुरू कर दी है. यदि मई-जून तक चुनाव होंगे तो यह व्यवस्था और वोटरों का टिक पाना उन्हें मुश्किल लग रहा है. उनका कहना है कि आए दिन सोशल मीडिया में अफवाहें आती है. वहीं, अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे. जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. वहीं, नयासर के सरपंच प्रत्याशी अब्दुल सत्तार का कहना है कि उन्होंने कार्यालय चालू कर दिया है. वह कोशिश करेंगे कि अपने वोटरों को भटकने ना दें, इसके लिए समय पर चुनाव होना जरूरी है. 

 झुंझुनूं के पहले चरण में दाखिल हुए नामांकनों की बात करें तो  झुंझुनूं, सूरजगढ़ और सिंघाना की 99 ग्राम पंचायतों के लिए 685 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए है. वहीं, एक हजार 119 ग्राम पंचायतों के वार्ड पंचों के लिए एक हजार 862 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे. इनमें से आधे से ज्यादा वार्ड पंचों का तो नौ जनवरी को निर्विरोध निर्वाचन होना था. लेकिन ना तो उनके निर्वाचन की घोषणा हो सकी और ना ही वे जीत की खुशी मना सकें.