राजस्थान पुलिस में नजर आएंगे नए चमचमाते वाहन, राज्य सरकार से 70 करोड़ रुपये मंजूर

राज्य में दो साल से नई पुलिस जांच यूनिट, नया  जिला, सर्किल और थाने गठित कर दिए गए. वाहनों के अभाव में इनका काम गति नहीं पकड़ पाया. वहीं दूसरी ओर पुलिस में बड़ी संख्या में वाहन नकारा हो गए. 

राजस्थान पुलिस में नजर आएंगे नए चमचमाते वाहन, राज्य सरकार से 70 करोड़ रुपये मंजूर
राज्य सरकार ने पुलिस को वाहनों के लिए 70 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

विष्णु शर्मा, जयपुर: थानों में बदमाशों का पीछा करती खटारा जीपें, हांफती पीसीआर और वीवीआईपी सुरक्षा में लगे नकारा वाहन, कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई देता है राजस्थान पुलिस में लेकिन अब यह दृश्य बदलने वाला है. पुलिस में अब नए चमचमाते और फर्राटेदार वाहन नजर आएंगे. राज्य सरकार ने पुलिस को वाहनों के लिए 70 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

राजस्थान पुलिस को पुलिस आधुनिकीकरण योजना से गृह मंत्रालय से हर साल वाहनों के लिए बजट मिलता आया है. दो साल पहले गृह मंत्रालय ने वाहनों के लिए दिए जाने वाला पैसा बंद कर दिया. इससे राजस्थान पुलिस में वाहनों का संकट खड़ा हो गया. इधर राज्य में दो साल से नई पुलिस जांच यूनिट, नया  जिला, सर्किल और थाने गठित कर दिए गए. वाहनों के अभाव में इनका काम गति नहीं पकड़ पाया. वहीं दूसरी ओर पुलिस में बड़ी संख्या में वाहन नकारा हो गए. ऐसे में अक्टूबर में पुलिस मुख्यालय ने वाहनों की खरीद का प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाया.

बिना वाहनों के यूनिट कैसे करे काम‌? 
- महाराणा प्रताप बटालियन, मेवाड़ भील कोर, मानव तस्करी रोकथाम यूनिट, महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकथाम यूनिट गठित की गई.

- इन यूनिटों का गठन कर दिया गया, लेकिन वाहन स्वीकृत नहीं किए.
- वाहन नहीं होने से इनका काम गति नहीं पकड़ पा रहा था. 
- इस साल नए भिवाड़ी पुलिस जिला, थानागाजी में नए सर्किल, जयपुर कमिश्नरेट में दो नए थाने सृजित किए गए.
- एसओजी में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट, साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट गठित की गई.
- पहले चरण में अलवर -भरतपुर में इमरजेंसी रिपॉन्स सपोर्ट सिस्टम लागू करना.
- महिला-बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 200 महिला सुरक्षाकर्मी तैनात करना.

पुलिस में पिछले पांच-छह साल से हजारों की तादाद में वाहन नकारा हो गया है. रिप्लेसमेंट के अभाव में इन नकारा वाहनों से काम लिया जा रहा है, जिससे फील्ड में काम प्रभावित हो रहा है. इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के सुरक्षा काफिले में लगे वाहन भी नकारा होने के बावजूद दौड़ाए जा रहे हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है. वहीं जयपुर-जोधपुर कमिश्नरेट में वारदात के बाद तुरंत मौके पर पहुंचने वाले पीसीआर वैन खटारा हो चुकी है. 

ये है नकारा वाहनों की लिस्ट
- पुलिस में वर्ष 2013-14 से अब तक 3251 वाहन नाकारा घोषित किए जा चुके हैं. 
- सीएम-राज्य पाल सुरक्षा कारकेड से 16 वाहन हो चुके हैं नकारा.
- सुरक्षा कारकेट के वाहन निर्धारित सीमा 50 हजार किलोमीटर से ज्यादा चल चुके हैं.
- जयपुर कमिश्नरेट की 70 पीसीआर हो चुकी हैं बेकार. 
-  जोधपुर कमिश्नरेट की 20 पीसीआर हुई खटारा. 
- पीसीआर खटारा होने से सड़कों पर गश्त और पेट्रोलिंग में हो रही परेशानी. 

गृह विभाग से वाहनों की खरीद की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है. इसमें वाहनों पर खरीद के लिए वित्त विभाग ने 70 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है. इसमें सरकारने 55 करोड़ अतिरिक्त प्रावधान किया, वहीं 15 करोड़ पीएचक्यू के पास पहले से उपलब्ध हैं. वाहनों की खरीद के साथ ही वित्त विभाग ने कुछ शर्तें भी लगाई है. 

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